UP Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का कहर, कहीं पेड़ गिरे तो कहीं मकान ढहे; 50 से ज्यादा लोगों की मौत!
उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में बेमौसम और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. पिछले तीन दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश, दीवार ढहने, पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 50 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है
UP Heavy Rain: उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में बेमौसम और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. पिछले तीन दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश, दीवार ढहने, पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 50 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या और गोरखपुर जैसे जिले इस प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. राज्य में 1,000 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है और कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं.
सीएम योगी का सख्त रुख: 24 घंटे में मुआवजा वितरण का आदेश
आपदा की इस गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश के प्रशासनिक और राजस्व अधिकारी वातानुकूलित दफ्तरों से निकलकर सीधे धरातल पर उतर चुके हैं. यह भी पढ़े: UP Heavy Rain Alert: यूपी में भारी बारिश का कहर, बीते 48 घंटों में 15 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया अलर्ट
-
तत्काल वित्तीय सहायता: सीएम ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अतिवृष्टि से हुई जनहानि (मृत्यु), पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को मात्र 24 घंटे के भीतर निर्धारित मुआवजा राशि वितरित की जाए.
-
फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण: जिन किसानों की फसलें इस बेमौसम बरसात और जलभराव के कारण बर्बाद हुई हैं, उनका तत्काल सर्वेक्षण और सटीक आकलन करने के आदेश दिए गए हैं.
-
राहत शिविर और भोजन: राहत आयुक्त कार्यालय को निर्देश दिए गए हैं कि विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाकर उनके लिए भोजन, दवाइयों और साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में जलभराव और अस्त-व्यस्त जनजीवन
राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में भी बारिश ने जनजीवन थाम दिया है. लखनऊ के कई इलाकों में सड़कों और घरों के भीतर पानी भर गया, जिससे सामान्य यातायात बाधित हुआ है. कई स्थानों पर पुराने पेड़ और बिजली के पोल उखड़ने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है.
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को अलर्ट पर रखा है.
किसानों की फसलें बर्बाद, गहराया संकट
इस बारिश ने ग्रामीण इलाकों में किसानों को बड़ा झटका दिया है. खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसलें जमीन पर गिरकर जलमग्न हो गई हैं. इसके अलावा सब्जियों और तिलहन की फसलों को भी व्यापक क्षति पहुंची है. कृषि विभाग की टीमों को प्रभावित गांवों में भेजकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि किसानों को समय पर सरकारी राहत मिल सके.
IMD का अलर्ट और आगे की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के 50 से अधिक जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है. हालांकि, कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, जिससे आगामी 24 से 48 घंटों में बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है. प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, पुराने जर्जर मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2026 08:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

