नयी दिल्ली, तीन दिसंबर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) के चयन के लिए गठित समिति से सीजेआई को बाहर रखने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से मंगलवार को स्वयं को अलग कर लिया।
मामले की सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति संजय कुमार के साथ पीठ में शामिल रहे प्रधान न्यायाधीश ने जनहित याचिका दायर करने वालों के वकीलों से कहा कि वह याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर सकते।
वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि न्यायमूर्ति खन्ना की अगुवाई वाली पिछली पीठ ने मामले में अंतरिम आदेश पारित किए थे।
न्यायमूर्ति खन्ना ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के सेवानिवृत्त होने के बाद 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है।
न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि अब ये मामले शीतकालीन अवकाश के बाद किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाएंगे।
प्रधान न्यायाधीश ने केंद्र और अन्य को इस बीच जनहित याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा।
एक गैर सरकारी संगठन सहित कई लोगों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की चयन समिति से सीजेआई को बाहर रखने का प्रावधान करने वाली मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा सात की वैधता को चुनौती देते हुए इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
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