देश की खबरें | ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के लिए न्याय की शुरुआत: आरएसएस

नयी दिल्ली, सात मई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए न्याय की शुरुआत है।

भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है।

आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत ‘ऑपरेशन सिंदूर’। न्याय हुआ। राष्ट्र समर्थन करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जय हिंद। भारत माता की जय।’’

पहलगाम हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य कार्रवाई की गई। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत जिन नौ ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें से चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे। वायुसेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन ठिकानों पर स्वास्थ्य केंद्रों की आड़ में आतंकी ठिकाने संचालित हो रहे हैं, ताकि इनका पता नहीं चल सके।

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पहलगाम आतंकवादी हमले का ‘सफलतापूर्वक’ बदला लिया।

विहिप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए एक पोस्ट में कहा, “जिहादी पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकी अड्डों को मिट्टी में मिलाकर हमारी जाबांज सेना ने यह बता दिया है कि भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं।”

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