देश की खबरें | जेएनयूएसयू छात्रों के खिलाफ शुरू की गई जांच के खिलाफ मिशाल मार्च निकालेगा

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने शनिवार को कहा कि वह विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन आयोजित करने वाले छात्रों के खिलाफ प्रॉक्टर के नेतृत्व में शुरू की गई जांच के खिलाफ 23 दिसंबर को मशाल जुलूस निकालेगा।

जेएनयूएसयू ने कहा कि वह विश्वविद्यालय की संशोधित नियमावली के बारे में छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू करेगा। इस नियमावली के तहत परिसर में चुनिंदा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गई है।

छात्र संघ ने शुक्रवार को 2024 में शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर प्रशासन के साथ असहयोग शुरू करने के अपने फैसले की भी घोषणा की।

जेएनयूएसयू ने दावा किया है कि प्रशासन ने उनके खिलाफ पांच साल पुराने मामलों में जांच शुरू कर दी है। छात्र संघ ने छात्रों के खिलाफ सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को रद्द करने की मांग की है।

विभिन्न दलों के छात्र संगठनों से संबंध रखने वाले छात्रों ने नवंबर में जारी संशोधित चीफ प्रॉक्टर ऑफिस (सीपीओ) नियमावली को लेकर कड़ा विरोध जताया है।

नए नियमों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक भवनों के 100 मीटर के दायरे में दीवार पर पोस्टर लगाने और धरना देने पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है या निष्कासन हो सकता है, जबकि किसी भी "राष्ट्र-विरोधी" कृत्य पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

विभिन्न छात्र संगठनों ने सीपीओ नियमावली को "तानाशाहीपूर्ण" और "छात्र विरोधी" बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कुलपति को एक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव मोहम्मद दानिश ने ‘पीटीआई-’ से कहा, "विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक कामकाज पर इस हमले का विरोध करने के लिए, जेएनयूएसयू अन्य छात्र संगठनों के साथ मिलकर 23 दिसंबर को परिसर में मशाल जुलूस निकालेगा।”

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