नयी दिल्ली, 23 जुलाई जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने बृहस्पतिवार को एमफिल, एमटेक के शोध प्रबंध और पीएचडी थीसिस को डिजिटल रूप में जमा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
जेएनयू के रेक्टर-1 प्रोफेसर चिंतामणि महापात्र के एक बयान के अनुसार, इस प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की 286 वीं बैठक में मंजूरी दी गई।
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बयान में कहा गया, ‘‘जेएनयू भारत में डिजिटल माध्यम से शोध प्रबंध और थीसिस प्रस्तुत करने की इस नवीन प्रक्रिया को शुरू करने जा रहा है। इसमें एम.फिल शोध प्रबंधों, एमटेक शोध प्रबंधों और पीएचडी थीसिस प्रस्तुत करने की समयबद्ध, परेशानी मुक्त और अति सुविधाजनक प्रक्रिया की सुविधा होगी।’’
जेएनयू ने पहले से ही एक ऑनलाइन थीसिस-ट्रैकिंग सिस्टम रखा है।
कोविड-19 महामारी से पहले भी, विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने शोध डिग्री देने के के लिए मौखिक परीक्षाएं आयोजित करने के लिए अधिकृत किया था।
बयान में कहा गया है कि महामारी के दौरान डॉक्टरेट की उपाधियों के लिए 150 से अधिक मौखिक परीक्षा (वाइवा वोसी) ऑनलाइन आयोजित की गई है।
जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले चार वर्षों में डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाकर कई प्रक्रियाओं को सुगम बनाया है और आगे भी इस तरह के कई और सुधार होने जा रहे हैं।
कृष्ण
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