रांची, 15 नवंबर झारखंड के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को राज्य के 23वें स्थापना दिवस के अवसर पर संयुक्त रूप से कई विकास परियोजनाओं और योजनाओं की शुरुआत की।
सोरेन ने स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण के राज्य सरकार के नियम के अनुसार निजी क्षेत्र में नौकरी हासिल करने वाले युवाओं के बीच 18,000 से अधिक नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
रांची के मोराबादी मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बिरसा मुंडा की जयंती पर राज्य का स्थापना दिवस है।”
देश का 42 फीसदी खनिज भंडार झारखंड में होने का उल्लेख करते हुए सोरेन ने कहा, “आदिवासी बहुल यह राज्य न केवल गरीबी के मामले में बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक मोर्चे पर भी पिछड़ा है।”
उन्होंने कहा, “झारखंड की 80 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है और उनमें से ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं। 2019 में जब हमारी सरकार सत्ता में आई तो हमने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर ध्यान केंद्रित किया। लेकिन कई चुनौतियां थीं क्योंकि विपक्ष पहले दिन से ही हमारी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा था। बहरहाल, हमारी सरकार अगले महीने चार साल पूरे कर लेगी।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले सरकारी अधिकारी गांवों का दौरा नहीं करते थे और लोग सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे।
सोरेन ने कहा, “हमने 'सरकार आपके द्वार' योजना शुरू की, जहां ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर सरकारी लाभ प्रदान करने के लिए अधिकारियों को गांवों में भेजा जाता है।”
उन्होंने कहा कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के दो चरणों में ग्रामीणों से लगभग 60 लाख आवेदन प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग 30 लाख लाभार्थियों को सार्वभौमिक पेंशन कवरेज, अतिरिक्त 20 लाख हरे राशन कार्ड और 60 लाख से अधिक लाभार्थियों को धोती, साड़ी और लुंगी दी है।
अबुआ आवास योजना शुरू करते हुए सोरेन ने कहा कि सरकार ने केंद्र से गरीबों के लिए आठ लाख अतिरिक्त घर मंजूर करने का अनुरोध किया था, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “फिर, हमने राज्य के खजाने से गरीबों को घर उपलब्ध कराने के लिए अबुआ आवास योजना शुरू करने का फैसला किया।”
राज्य के 18,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पेशकश पत्र बांटते हुए उन्होंने दावा किया कि झारखंड के 50,000 से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में और 10,000 को सरकारी क्षेत्र में नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने संयुक्त रूप से निर्यात, एमएसएमई, स्टार्टअप और आईटी डेटा और बीपीओ प्रमोशन से संबंधित चार नीतियों की भी शुरुआत की।
सोरेन ने 7,042 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
इस दौरान 1,744 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 5,328 करोड़ रुपये की 667 परियोजनाओं की नींव रखी गई।
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