रांची, 31 जनवरी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धनशोधन के एक मामले में बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि शिबू सोरेन के नजदीकी माने जाने वाले और राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन का नाम मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित भूमि धोखाधड़ी मामले से जुड़े धनशोधन के आरोपों को लेकर सात घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद बुधवार को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें ईडी दफ्तर ले जाया गया जहां उनकी चिकित्सा जांच होगी।
अपनी गिरफ्तारी से पहले, सोरेन ने राजभवन में राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वे गठबंधन के विधायकों के साथ राजभवन गए थे और फिर उन्हें वहां से ईडी कार्यालय ले जाया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, ‘‘हेमंत सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में झामुमो के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का नाम प्रस्तावित किया है।’’
झामुमो विधायक दल के नेता चंपई सोरेन ने संवाददाताओं से कहा, "हमने 47 विधायकों के समर्थन से नयी सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया है।"
इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर जुटे विधायकों ने चंपई सोरेन को झामुमो विधायक दल का नेता चुना। पार्टी प्रवक्ता विनोद पांडे ने कहा कि चंपई सोरेन के नाम पर आम सहमति बनी।
सरायकेला विधानसभा सीट से 1991 से तीन से अधिक दशक से विधायक चंपई सोरेन को झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन का नजदीकी माना जाता है।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंग्गोरा गांव में नवंबर 1956 में जन्मे चंपई सोरेन मैट्रिक पास और सात बच्चों के पिता हैं। वह एक किसान के बेटे हैं और वह हेमंत सोरेन परिवार के रिश्तेदार नहीं हैं।
सूत्रों ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान 48 वर्षीय हेमंत सोरेन के जवाब में स्पष्टता नहीं थी और इसलिए उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में ले लिया गया।
सूत्रों ने कहा कि उम्मीद है कि सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय यहां एक विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश करेगा और हिरासत में पूछताछ के लिए उनकी हिरासत का अनुरोध करेगा।
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के दौरान सोरेन से 15 सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि सोरेन से पहली बार 20 जनवरी को पूछताछ की गई थी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन को एजेंसी के पास दर्ज टाइप किए गए उनके बयान दिखाए गए और हिरासत में लेने से पहले इन दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर मांगे गए। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने उन पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं।
झामुमो नेता सोरेन के खिलाफ धनशोधन के आरोप 'भूमि माफिया' के साथ उनके कथित संबंधों के अलावा कुछ अचल संपत्तियों के कथित अवैध कब्जे से संबंधित हैं।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, यह जांच झारखंड में "माफियाओं द्वारा भूमि के स्वामित्व को अवैध रूप से बदलने के एक बड़े रैकेट" से जुड़ी है।
ईडी ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं, जो राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, हेमंत सोरेन ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी के सोमवार के तलाशी अभियान के संबंध में ईडी के वरिष्ठ कर्मियों के खिलाफ रांची के एससी/एसटी पुलिस थाने में दिन में एक प्राथमिकी दर्ज करायी।
अधिकारियों ने प्राथमिकी के हवाले से बताया कि हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया है कि ईडी ने ‘‘उन्हें तथा उनके पूरे समुदाय को प्रताड़ित और बदनाम’’ करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘ईडी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है... हमें मुख्यमंत्री की अर्जी मिली है।’’
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