नयी दिल्ली, आठ जून केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की जम्मू पीठ का उद्घाटन किया और कहा कि यह कर्मियों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की गति को बढ़ाएगी।
कैट केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सेवा मामलों को देखता है।
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सिंह ने उद्घाटन के बाद कहा कि सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामलों को देखने के लिए कैट की जम्मू पीठ की स्थापना से न सिर्फ विभिन्न अदालतों पर कार्य का बोझ कम होगा, बल्कि कर्मियों की शिकायतों और सेवा मामलों में उन्हें त्वरित राहत भी मिलेगी।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि कैट की जम्मू पीठ का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया।
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यह न्यायाधिकरण की 18वीं पीठ है।
सिंह ने कहा कि मोदी सरकार पारदर्शिता और ‘‘सभी के लिए न्याय’’ उपलब्ध कराने को लेकर प्रतिबद्ध है तथा पिछले छह साल में लोगों के हित में किए गए सुधारों से जम्मू कश्मीर और लद्दाख सहित समूचे देश को फायदा हुआ है।
कार्मिक राज्य मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों के भले के लिए पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाए जाने के बाद ऐसे 800 से अधिक केंद्रीय कानून लागू किए गए हैं, जो पहले जम्मू कश्मीर के लिए लागू नहीं होते थे।
बयान में उनके हवाले से कहा गया कि अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को शेष भारत के लोगों की तरह ही समान अधिकार प्राप्त हैं।
कैट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एल नरसिम्हा रेड्डी ने उद्घाटन के दौरान स्वागत संबोधन किया।
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने भी उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।
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