नयी दिल्ली, 10 मई कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी को ‘टेम्पो में भरकर’ नकदी पहुंचाये जाने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आरोप और उनके द्वारा इसे ‘चोरी का माल’ कहा जाना सवाल पैदा करता है कि प्रधानमंत्री ने तथाकथित काले धन के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
मोदी द्वारा कांग्रेस पर "अंबानी और अडाणी" के साथ "सौदा" करने का आरोप लगाये जाने के कुछ दिनों बाद, पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव हारने और आरोपों की जांच की संभावना ने मोदी को परेशान कर दिया है।
रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘आठ मई 2024 को प्रधानमंत्री ने अडाणी और अंबानी पर विपक्ष को ‘टेम्पो में भरकर’ नकदी से भरे थैले की आपूर्ति करने का आरोप लगाया था और कथित नकदी को 'चोरी का माल' बताया था। भारत के 'शीर्ष धनकुबेरों’ पर यह अप्रत्याशित हमला कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को कैसे पता चला कि अडाणी और अंबानी नकदी से भरे थैले को टेम्पो में भरकर आपूर्ति करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनके पास यह जानकारी है, तो उन्होंने इसके बारे में कुछ क्यों नहीं किया? अगर उनके पास इतनी विस्तृत और कार्रवाई योग्य जानकारी है तो उन्हें अडाणी और अंबानी के खिलाफ अपनी पसंदीदा जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने से किसने रोका है?"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विशेष रूप से राहुल गांधी ने लंबे समय से अडाणी और अन्य "एकाधिकारवादियों" के साथ मोदी के करीबी संबंधों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2023 में ‘हम अदानी के हैं कौन’ (एचएएचके) शृंखला के तहत प्रधानमंत्री से 100 तीखे सवाल पूछे थे।’’ उन्होंने पूछा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री अब टेम्पो में नकदी के थैले मिलने की बात राष्ट्र के सामने कबूल करके अपनी लंबी चुप्पी तोड़ रहे हैं?’’
उन्होंने प्रधानमंत्री पर अडाणी के साथ ‘‘घनिष्ठ और टिकाऊ संबंध’’ रखने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री, अडाणी की गैर-कानूनी गतिविधियों को बचाने के लिए किस हद तक चले गए हैं। यह ज्यादातर भारतीयों को अच्छी तरह पता है।’’
बयान में रमेश ने अडाणी समूह में "बेनामी फंड" के पुनर्निवेश के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला दिया कि अडाणी द्वारा इंडोनेशिया से आयातित कोयले की कीमत भारत पहुंचने तक 52 प्रतिशत बढ़ गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति का इस्तेमाल उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में आरोपों का जिक्र करते हुए रमेश ने कहा, ‘‘गुजरात में अडाणी पावर से खरीदी गई बिजली की कीमत 2021 से 2022 के बीच 102 फीसदी बढ़ गई।’’
उन्होंने अडाणी समूह को "हवाई अड्डों, बंदरगाहों, सीमेंट, बिजली तथा रक्षा क्षेत्रों में एकाधिकार" सौंपकर उन्हें (अडाणी समूह को) समृद्ध बनाने के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारत के पड़ोस में बढ़ते चीनी प्रभाव का मुकाबला करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय भारत की विदेश नीति का इस्तेमाल "अपने करीबियों को समृद्ध करने" के लिए किया।
रमेश ने कहा कि सत्ता खोने की संभावना और आरोपों की जांच की संभावना ने प्रधानमंत्री को "हताश" कर दिया है।
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