देश की खबरें | क्षमताओं को विकसित करने में बच्चों की मदद करना शिक्षकों, अभिभावकों का कर्तव्य :राष्ट्रपति मुर्मू

नयी दिल्ली, पांच सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों का यह कर्तव्य है कि वे बच्चों में अनूठी क्षमताओं को पहचाने और इन्हें विकसित करने में उनकी मदद करें।

राष्ट्रपति ने यहां राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार कार्यक्रम में यह कहा, जहां 75 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को लेकर पुरस्कृत किया गया।

मुर्मू ने कहा, ‘‘शिक्षकों और अभिभावकों का यह कर्तव्य है कि वे हर बच्चे में अनूठी क्षमताओं को पहचाने और इन क्षमताओं को विकसित करने में उनकी मदद करें। प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे पर विशेष ध्यान दिया जाए और स्नेहपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा वे काफी विश्वास के साथ अपने बच्चों को शिक्षकों के पास भेजते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कक्षा के 40-50 बच्चों के साथ स्नेह साझा करने का अवसर मिलना हर शिक्षक के लिए गर्व की बात है।

राष्ट्रपति ने अध्यापन के पेशे में महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक पुरस्कार हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या और अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं और अध्यापिकाओं को बढ़ावा देना महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी के जीवन में प्राथमिक शिक्षा का बुनियादी महत्व है।’’

उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार माना जाता है और इन लक्ष्यों को हासिल करने में शिक्षकों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हर किसी को अपने शिक्षकों को याद रखना चाहिए।

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