पाकिस्तान में आम चुनावों के लिए कोई निश्चित तारीख बता पाना संभव नहीं : निर्वाचन आयोग
पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने कहा है कि आम चुनावों के लिए कोई निश्चित तारीख बता पाना तकनीकी कारणों से संभव नहीं है. एक दिन पहले ही देश के राजनीतिक दलों ने आयोग से चुनाव की निश्चित तारीख बताने की मांग की थी.
इस्लामाबाद, 23 सितंबर: पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने कहा है कि आम चुनावों के लिए कोई निश्चित तारीख बता पाना तकनीकी कारणों से संभव नहीं है. एक दिन पहले ही देश के राजनीतिक दलों ने आयोग से चुनाव की निश्चित तारीख बताने की मांग की थी. निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को ऐलान किया था कि चुनाव ‘जनवरी, 2024 के आखिरी हफ्ते’ में कराये जाएंगे। आगामी चुनाव की निश्चित तारीख नहीं बता पाने को लेकर आयोग निशाने पर आ गया है.
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आम चुनाव की तारीख की आधिकारिक घोषणा करना ‘तकनीकी रूप से संभव’ नहीं है.डॉन अखबार की शनिवार की खबर के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि ऐसा करने से औपचारिक प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की आवश्यकता पड़ेगी तथा चुनाव से संबंधित विभिन्न कार्यों को समय सीमा के अंदर पूरा करने की बाध्यता होगी. उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिनियम की धारा 57 के तहत मतदान तारीख की घोषणा के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाना चाहिए, जिसके साथ चुनाव की पूरी प्रक्रिया शुरू हो जाती है.
इस प्रक्रिया में नामांकन पत्र दाखिल करना, उन नामांकन पत्रों की जांच, उन्हें स्वीकार करने या अस्वीकार करने के फैसलों पर अपील आदि शामिल हैं। इसके प्रत्येक चरण को एक निश्चित समयसीमा के अंदर पूरा करना होता है. संसद के भंग होने के 90 दिनों के अंदर चुनाव कराने में विफल रहने को लेकर आयोग की आलोचना हो रही है. नेशनल असेंबली को नौ अगस्त को भंग कर दिया गया था.
‘चुनाव की तारीख पर अनिश्चतता’ पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता कमर जमां कैरा ने कहा कि सभी को समान अवसर प्रदान करना तथा स्पष्ट एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अनिवार्य है.
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी चुनाव की तारीख की घोषणा के सिलसिले में आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया है। मीडिया में आई एक खबर में पार्टी के नेता अली जफर के हवाले से कहा गया है,‘‘ निर्वाचन आयोग की चुनाव की तारीख संवैधानिक तारीख से भी परे है.’’ वहीं, आयोग ने कहा है कि इस देरी के लिए उसके पास वैध कारण हैं क्योंकि वह नयी जनगणना के आधार पर नये चुनावी जिलों को निर्धारित करने में जुटा हुआ है. परिसीमन की कवायद 30 नवंबर को पूरी हो जाएगी.
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 23, 2023 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

