नयी दिल्ली, 14 माार्च दिल्ली सरकार की आबकारी नीति का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा। मनोनीत सदस्य डॉ सोनल मानसिंह ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि समाज के लिए पीड़ादायी नीतियों पर रोक जरूरी है।
शून्यकाल के दौरान मानसिंह ने कहा ‘‘मैं इस मुद्दे पर संज्ञान लेने के लिए सरकार से अनुरोध करती हूं ताकि समाज के लिए पीड़ादायी नीतियों पर रोक लग सके।’’
दिल्ली सरकार की नयी आबकारी नीति और शराब पर छूट की पेशकश का जिक्र करते हुए मानसिंह ने कहा ‘‘लोगों ने कई जगहों पर इसका विरोध किया और प्रदर्शन भी किए। लेकिन दिल्ली सरकार पर असर नहीं पड़ा। जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस योजना का संज्ञान लिया तब इसे बंद किया गया।’’
उन्होंने कहा कि लोगों के प्रदर्शन के बाद कुछ प्रावधान लागू किए जाने का ठीकरा शराब दुकानदारों पर मढ़ दिया गया।
दिल्ली के आबकारी आयुक्त ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में शराब के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर किसी भी छूट या छूट को बंद करने का आदेश पारित किया था।
उच्च न्यायालय ने आठ मार्च को दिल्ली सरकार के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें उसने राजधानी में शराब की बिक्री पर किसी तरह की छूट पर रोक लगा दी थी।
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