विदेश की खबरें | हिंद महासागर में संदिग्ध ईरानी हमले में इजराइली पोत को निशाना बनाया गया: अमेरिकी अधिकारी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘सीएमए सीजीएम सायमी’ पर शुक्रवार को यह हमला ऐसे समय में किया गया, जब कई सप्ताह से जारी इजराइल-हमास युद्ध के कारण वैश्विक नौवहन को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इजराइल और हमास के बीच समझौते के तहत चार दिवसीय युद्ध विराम प्रभावी हो गया है। हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों और इजराइल में कैद फलस्तीनी नागरिकों की इस युद्ध विराम की अवधि में अदला-बदली की जा रही है।

अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ऐसा संदेह है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में माल्टा के ध्वज वाले पोत को बम से लैस त्रिकोण आकार के शहीद-136 ड्रोन ने निशाना बनाया। ड्रोन में विस्फोट के कारण पोत को नुकसान हुआ, लेकिन चालक दल का कोई सदस्य हताहत नहीं हुआ।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हम हालात पर निकटता से नजर रख रहे हैं।’’ अधिकारी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिकी सेना ऐसा क्यों मानती है कि हमले के पीछे ईरान का हाथ है।

राजनीतिक रूप से ईरानी समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला से संबद्ध ‘अल-मायादीन’ अरब उपग्रह चैनल ने कहा कि हिंद महासागर में एक इजराइली पोत को निशाना बनाया गया है। चैनल ने इसे लेकर अज्ञात स्रोतों का हवाला दिया, जिसे बाद में ईरानी मीडिया ने भी उद्धृत किया।

सायमी का स्वामित्व सिंगापुर स्थित ईस्टर्न पैसिफ़िक शिपिंग के पास है, जो इज़राइली अरबपति इदान ओफ़र द्वारा नियंत्रित कंपनी है।

फ्रांस के मार्सिले में स्थित प्रमुख जहाजरानी कंपनी ‘सीएमए सीजीएम’ ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

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