विदेश की खबरें | इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने यूएई की यात्रा को बताया 'बेहद आशावादी'

पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी के कुछ देशों ने इजराइल के साथ संबंध स्थापित किये थे, जिसके बाद इजराइल के किसी नेता की किसी खाड़ी देश की यह पहली यात्रा थी।

बेनेट की यह यात्रा दुनिया के शक्तिशाली देशों और उसके स्थानीय प्रतिद्वंद्वी ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर जारी वार्ता के दौरान हुई है। इजराइल ईरान को प्रतिद्वंद्वी मानता है और विएना में उसके परमाणु करार को लेकर जारी वार्ता का विरोध करता रहा है।

बेनेट के कार्यालय ने सोमवार को कहा कि उन्होंने अबू धाबी के शक्तिशाली क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की, जो लगभग चार घंटे तक चली। इस दौरान आधे समय दोनों नेताओं ने आमने-सामने वार्ता की।

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह यात्रा संबंधों और साझेदारी के लिहाज से एक और मील का पत्थर साबित हुई।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और पर्यटन सहित सहयोग के कई क्षेत्रों पर चर्चा की। साथ ही एक संयुक्त अनुसंधान एवं विकास कोष का गठन किया। हालांकि इसमें इजराइल के दो महत्वपूर्ण मुद्दों-फलस्तीन के साथ इजराइल का विवाद और ईरान के परमाणु कार्यक्रम- का कोई जिक्र नहीं किया गया।

यूएई से रवाना होने से पहले बेनेट ने कहा, ''मैं इस आशा के साथ वापस इजराइल लौट रहा हूं कि यह संबंध एक मिसाल कायम कर सकता है कि हम पश्चिम एशिया में शांति कैसे स्थापित कर सकते हैं।''

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