गौरतलब है कि 2020 में इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध सामान्य होने के बाद बेनेट की यह अबु धाबी की दूसरी यात्रा है। इससे पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंताओं को लेकर दोनों देशों के बीच के संबंध तनावपूर्ण थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, इजराइल के प्रधानमंत्री बेनेट ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान से भेंट की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। संभवत: ईरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा था।
यात्रा से पहले एक वीडियो संदेश में बेनेट ने बुधवार को विएना में अंतरराष्ट्रीय नाभिकीय ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक में विभिन्न देशों की प्रतिबद्धताओं की प्रशंसा की। आईएईए की बैठक में देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों, खास तौर से उसके तीन अघोषित संयंत्रों को लेकर उसके रूख को लेकर आपत्ति जतायी।
यूएई रवाना होने से पहले बेनेट ने कहा था, ‘‘अच्छे और बुरे के बीच के अंतर को लेकर हम दुनिया के देशों की प्रतिबद्धताओं को देख रहे हैं, जैसा कि वह कह रहे हैं, ईरान कुछ चीजें छुपा रहा है। हम इस मुद्दे को यूं ही नहीं छोड़ेंगे।’’
गौरतलब है कि ईएईए ने बृहस्पतिवार को कहा कि ईरान की योजना अपनी यूरेनियम संवर्धन योजना को आगे बढ़ाने की है।
इजराइल ईरान को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है और वह ईरान तथा वैश्विक शक्तियों के बीच 2015 में हुए परमाणु समझौते का पूरजोर विरोध करता है। गौरतलब है कि इस समझौते के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके खिलाफ लगे आर्थिक प्रतिबंध हटा दिए गए थे।
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