नयी दिल्ली, 14 मार्च आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड से उस आदेश पर पुनर्विचार करने को कहा है, जिसके मुताबिक रेलवे राजस्व बढ़ाने के लिए अब अपनी खानपान इकाई से अलग अपने फूड प्लाजा, फास्ट फूड आउटलेट और रेस्तरां खोलेगा।
रेलवे बोर्ड ने आठ मार्च को जारी एक आदेश में अपने 17 जोन को ऐसी इकाइयों के लिए स्टेशनों पर खाली स्थानों का उपयोग करने की अनुमति दी थी।
आदेश में कहा गया कि आईआरसीटीसी इन इकाइयों की स्थापना में विफल रही है, जिसके चलते रेलवे को राजस्व का भारी नुकसान हुआ और अब यह जिम्मेदारी जोनल रेलवे को सौंपने का फैसला किया गया है।
आदेश में आगे कहा गया कि इस तथ्य के मद्देनजर कि आईआरसीटीसी को आवंटित किए गए कई स्थान खाली रह गए हैं, जिससे यात्रियों को समुचित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं और रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है, इसलिए जोनल रेलवे द्वारा रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध खाली स्थान पर फूड प्लाजा / फास्ट फूड इकाई / रेस्तरां खोलने के लिए अनुमति मांगी गई है।
आईआरसीटीसी के प्रवक्ता आनंद झा ने कहा, ‘‘आईआरसीटीसी ने रेलवे से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।’’
आईआरसीटीसी द्वारा इस समय लगभग 300 फूड प्लाजा का संचालन किया जा रहा है और आने वाले महीनों में 75 से अधिक नए फूड प्लाजा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि जोनल रेलवे द्वारा ऐसे 100-150 आउटलेट स्थापित करने की योजना है।
जानकार अधिकारियों के मुताबिक, आईआरसीटीसी अधिक लाइसेंस शुल्क, रेल भूमि की अत्यधिक दर और ऐसी इकाइयों की स्थापना के लिए गलत स्थान के विकल्प के चलते इन फूड कोर्ट की स्थापना नहीं कर सकी।
पाण्डेय
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