नयी दिल्ली, छह जुलाई पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि आईओसी और ओएनजीसी जैसे पीएसयू पूरी हाइड्रोकार्बन मूल्य श्रृंखला में लगभग 3.57 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिनसे ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी, लोगों को नौकरी मिलेंगी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ट्वीट किया कि कुल 859 परियोजनाओं पर खर्च किए जा रहे 3.57 लाख करोड़ रुपये में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।
ट्वीट के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मंत्रालय के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘‘20 अप्रैल 2020 से आर्थिक गतिविधियों को बहाल किए जाने के बाद सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा प्रारंभ की गई तेल और गैस परियोजनाओं की समीक्षा की।’’
ट्वीट के मुताबिक रिफाइनरी, खोज और उत्पादन, विपणन ढांचा, पाइपलाइन, शहरी गैस वितरण नेटवर्क और तेल तथा गैस की पूरी मूल्य श्रृंखला की 3,57,000 करोड़ रुपये की 859 परियोजनाओं पर काम पूरे जोरों पर चल रहा है।
मंत्रालय ने हालांकि यह नहीं बताया कि कुल 3.57 लाख करोड़ रुपये कितने समय में निवेश किए जाएंगे।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) तेल रिफाइनरियों के उन्नयन करने के लिए परियोजनाओं को लागू कर रही है और साथ ही पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर रही है। ओएनजीसी रेगिस्तान से लेकर गहरे समुद्र तक तेल और गैस की खोज कर रही है।
मंत्रालय ने कहा कि इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत में से 60,000 करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष में खर्च किए जाएंगे।
मंत्रालय ने बताया कि 29 अप्रैल से 30 जून के बीच इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन में 48.96 लाख से अधिक मानव दिनों का रोजगार मिला है।
मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान 1,395 करोड़ रुपये श्रमिकों को भुगतान के तौर पर दिए गए हैं।
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