देश की खबरें | ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स’ में छह भारतीय खिलाड़ियों के हिस्सा लेने पर रोक के बाद जांच समिति गठित

नयी दिल्ली, 22 जुलाई भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने अपने संयुक्त सचिव को निलंबित कर दिया है और चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो उन कमियों की जांच करेगी, जिनके कारण देश के छह बैडमिंटन खिलाड़ी जर्मनी में जारी ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स’ (विश्व विश्वविद्यालय खेलों) में हिस्स नहीं ले पाए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

चयनित एथलीटों और नामित कोचों को टीम में शामिल न किए जाने और टीम जर्सी के मानकों का पालन न करने पर लगाए गए जुर्माने को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच जांच का आदेश दिया गया।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब चयनित 12 भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों में से केवल छह को ही मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई, क्योंकि अधिकारी कथित तौर पर 16 जुलाई को प्रबंधकों की बैठक के दौरान सभी नामों को सही ढंग से प्रस्तुत करने में विफल रहे।

एआईयू ने अपने आदेश में कहा, ‘‘एआईयू जवाबदेही और प्रक्रियात्मक औचित्य बनाए रखने के हित में संयुक्त सचिव बलजीत सिंह सेखों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है।’’

सेखों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

एफआईएसयू ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स-2025’ में भारतीय दल के पंजीकरण और प्रबंधन से संबंधित सभी प्रासंगिक अभिलेखों और संचार की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है। समिति से 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

आदेश में कहा गया है, ‘‘समिति चयनित एथलीटों को शामिल न करने, नामित प्रशिक्षकों को बाहर रखने और आयोजकों द्वारा लगाए गए दंड से संबंधित तथ्यों का निर्धारण करेगी। यह किसी भी प्रक्रियागत चूक की पहचान करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी और उचित सुधारात्मक एवं अनुशासनात्मक उपायों की सिफारिश करेगी।’’

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