जोधपुर: राजस्थान (Rajasthan) की चर्चित धार्मिक कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (25) (Sadhvi Prem Baisa) की बुधवार, 28 जनवरी की शाम हुई अचानक मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है. जोधपुर (Jodhpur) के बोरानाडा (Boranda) स्थित आश्रम में रहने वाली साध्वी की तबीयत बिगड़ने और फिर अस्पताल ले जाने के दौरान हुई मृत्यु को उनके अनुयायी ‘संदिग्ध’ मान रहे हैं. इस मामले में पुलिस की जांच अब 'गलत इंजेक्शन' (Wrong Injection) के आरोपों, एक रहस्यमयी इंस्टाग्राम पोस्ट (Instagram Post) और पुराने ब्लैकमेलिंग विवाद (Blackmailing Controversy) के इर्द-गिर्द घूम रही है. यह भी पढ़ें: Jodhpur: मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत; सुसाइड नोट में 'अग्नि परीक्षा' और ब्लैकमेलिंग का जिक्र
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत: क्या हुआ उस दिन?
पारिवारिक सूत्रों और पुलिस के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित थीं. बुधवार शाम उनके पिता, महंत वीरम नाथ, ने इलाज के लिए एक निजी कंपाउंडर को आश्रम बुलाया.
- अचानक पतन: पिता का आरोप है कि कंपाउंडर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनटों के भीतर साध्वी बेहोश होकर गिर गईं.
- अस्पताल में घोषणा: उन्हें तत्काल पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया.
मौत के 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट: 'अग्नि परीक्षा' का जिक्र
इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब साध्वी की मृत्यु के लगभग चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक लंबी पोस्ट साझा की गई. हिंदी में लिखी इस पोस्ट ने सुसाइड नोट जैसी अटकलों को जन्म दे दिया है.
‘मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए विदा ले रही हूं... मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा, अगर जीते जी नहीं तो मौत के बाद ही सही. मैंने अग्नि परीक्षा के लिए संतों को पत्र लिखे थे, लेकिन प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था.’
पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की जांच कर रही है कि क्या यह पोस्ट पहले से 'शेड्यूल' की गई थी या किसी अन्य व्यक्ति ने उनके अकाउंट का एक्सेस इस्तेमाल कर इसे साझा किया है.
पुराना विवाद: वायरल वीडियो और ब्लैकमेलिंग का साया
साध्वी प्रेम बाईसा पिछले साल जुलाई 2025 में एक विवादित वीडियो के कारण सुर्खियों में आई थीं। इस वीडियो में वे अपने पिता (जो उनके गुरु भी थे) के गले लगती नजर आ रही थीं.
- साजिश का आरोप: साध्वी ने आरोप लगाया था कि उनके पूर्व कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज को एडिट कर अश्लील बनाया और उनसे ₹20 लाख की फिरौती मांगी.
- मानसिक तनाव: इस मामले में जोगेंद्र नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग और कार्यक्रमों के रद्द होने से साध्वी गहरे मानसिक तनाव में थीं. उनके पोस्ट में ‘न्याय’ और ‘अग्नि परीक्षा’ का संदर्भ इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.
जांच की वर्तमान स्थिति
जोधपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है, जिसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है.
- कंपाउंडर हिरासत में: जिस व्यक्ति ने इंजेक्शन लगाया था, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और इस्तेमाल की गई दवाइयों के सैंपल लैब भेजे गए हैं.
- CBI जांच की मांग: आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल सहित कई स्थानीय नेताओं ने इस मामले की उच्च स्तरीय या सीबीआई जांच की मांग की है.
अस्पताल प्रशासन ने यह भी नोट किया कि शुरुआत में परिवार पुलिस कार्यवाही या एम्बुलेंस के इस्तेमाल को लेकर झिझक रहा था, जिससे संदेह और बढ़ गया है. फिलहाल, विसरा रिपोर्ट और डिजिटल फॉरेंसिक जांच ही इस 'डेथ मिस्ट्री' से पर्दा उठा पाएगी.












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