देश की खबरें | बेअदबी मामले: गुरमीत राम रहीम ने न्यायालय से अंतरिम आदेश को स्थगित रखने का अनुरोध किया

नयी दिल्ली, तीन फरवरी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया कि 2015 के बेअदबी मामलों में उसके खिलाफ निचली अदालत को कार्यवाही करने की अनुमति देने वाले अंतरिम आदेश को स्थगित रखा जाए।

पिछले साल 18 अक्टूबर को, शीर्ष अदालत ने निचली अदालतों को इन मामलों में आगे बढ़ने की अनुमति दी और 11 मार्च, 2024 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने राम रहीम के खिलाफ निचली अदालत के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। राम रहीम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि शीर्ष अदालत का स्थगन आदेश अपील को मंजूर करने के समान है।

पीठ ने कहा कि वह मुख्य मामले की सुनवाई करेगी, जिसके बाद रोहतगी ने तब तक आदेश स्थगित रखने का अनुरोध किया। पीठ ने कहा, ‘‘मामले के गुण-दोष के आधार पर सुनवाई किए बिना मामले में अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती है।’’ इसके साथ ही पीठ ने पंजाब सरकार की याचिका पर 18 मार्च की तारीख तय की।

पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि शीर्ष अदालत ने दूसरे पक्ष की मौजूदगी में 18 अक्टूबर 2024 को अंतरिम आदेश पारित किया था।

सिंह ने कहा कि राम रहीम फिलहाल 30 दिन की पैरोल पर है।

पिछले वर्ष अक्टूबर में उच्चतम न्यायालय के समक्ष सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था, जिसमें पंजाब के फरीदकोट के बाजाखाना थाने में दर्ज तीन मामलों में सुनवाई पर रोक लगा दी गई थी।

पंजाब के फरीदकोट जिले में जून और अक्टूबर, 2015 के बीच पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की तीन कथित घटनाएं हुईं और स्थानीय थाने में भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत 2 जून, 2015 को प्राथमिकी दर्ज की गई।

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