देश की खबरें | संस्थाओं के बौद्धिक और नैतिक रूप से मजबूत होने की जरुरत: एस गुरूमूर्ति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वामीनाथन गुरूमूर्ति ने बृहस्पतिवार को कहा कि 1975 में आपातकाल इसलिए लगाया गया था क्योंकि कांग्रेस ‘एक ही परिवार’ की संपत्ति बन गयी थी तथा इन दशकों के दौरान संस्थाओं के कमजोर होने के कारण देश में अब भी आपातकाल का खतरा बना हुआ है।
नयी दिल्ली, 25 जून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वामीनाथन गुरूमूर्ति ने बृहस्पतिवार को कहा कि 1975 में आपातकाल इसलिए लगाया गया था क्योंकि कांग्रेस ‘एक ही परिवार’ की संपत्ति बन गयी थी तथा इन दशकों के दौरान संस्थाओं के कमजोर होने के कारण देश में अब भी आपातकाल का खतरा बना हुआ है।
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित वेबिनार में गुरूमूर्ति ने कहा कि जबतक बिना अंदरूनी लोकतंत्र और दलीय कामकाज में कार्यकर्ताओं की बिना सहभागिता वाली एक परिवार ही द्वारा संचालित दल हैं तबतक आपातकाल का खतरा सदैव है।
पैंतालीस साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था।
गुरूमूर्ति ने कहा, ‘‘ हमारी राजसत्ता शायद आपातकाल को नहीं रोक पाए। जिस मंडली ने आपातकाल का मार्ग प्रशस्त किया था, वह अब भी है।’’
इसी के साथ उन्होंने संस्थाओं के बौद्धिक रूप से मजबूत बनने और उनके द्वारा अपनी नैतिक स्थिति फिर हासिल की जरूरत पर बल दिया।
गुरूमूर्ति तमिल साप्ताहिक पत्रिका तुगलक का भी संपादन करते हैं।
कभी आरएसएस और भाजपा के अहम पदाधिकारी रहे के एन गोविंदाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपातकाल के विरूद्ध भूमिगत आंदोलन के लिए मुख्य संगठनात्मक बुनियादी ढांचा प्रदान किया जबकि जयप्रकाश नारायण आंदोलन के भरोसेमंद चेहरा बने।
प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने कहा कि हर पीढ़ी के लिए आपातकाल लगाये जाने के पीछे के कारणों को जानना जरूरी है ताकि कभी उसे दोहराया नहीं जाए।
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