नयी दिल्ली, 24 जून पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शनिवार को सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार को नया कुत्ता बंध्याकरण सह अस्पताल खोलने के बजाय शहर में मौजूदा 70 पशु अस्पतालों का ही इस काम में उपयोग करना चाहिए।
गोयल की सिफारिश से एक दिन पहले राजनिवास ने कहा था कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में कुत्ता बंध्याकरण केंद्र सह पशु अस्पताल खोलने के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दे दी है।
राजभवन सचिवालय ने कहा कि कुत्तों के हमलों तथा आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए दिल्ली नगर निगम को दिल्ली विकास प्राधिकरण से इस आधार पर भूमि आवंटन होना चाहिए कि यह आवारा कुत्तों के बंध्याकरण के लिए मुफ्त सेवा प्रदान करेगा।
गोयल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में जमीन आवंटन के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल को धन्यवाद दिया लेकिन कहा कि इस प्रयास में यहां ‘‘आवारा कुत्तों की भयंकर समस्या’’ के समाधान में कमी दिखती है।
उन्होंने एक बयान में कहा कि वर्तमान कुत्ता संख्या नियंत्रण उपाय नाकाफी हैं। गोयल ने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘हर कुत्ते के बंध्याकरण के लिए निगम द्वारा हजारों रुपये दिए जाने के बाद भी कुत्तों का बंध्याकरण नहीं किया जा रहा है। प्रस्तावित केंद्र में मुफ्त में इन आवारा कुत्तों को पकड़कर ले जाने और उनका बंध्याकरण कराने के लिए कौन जिम्मेदार होगा।’’
शहर में आवारा कुत्तों से निजात पाने का अभियान चला रहे गोयल ने जमीन आवंटन की समयसीमा तथा केंद्र की स्थापना की जिम्मेदारी वाले संगठन के बारे में भी जानना चाहा।
राजनिवास के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) सार्वजनिक निजी साझेदारी के आधार पर पशु अस्पताल खोलने के लिए दिल्ली नगर निगम को 483 वर्गमीटर भूखंड देगा।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘बेहतर तो यह होता कि दिल्ली सरकार कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और उनका बंध्याकरण करने के मुद्दे के समाधान के लिए मौजूदा 70 अस्पतालों का ही उपयोग करती।’’
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