नयी दिल्ली, 27 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि परिवेश पोर्टल से मंजूरी की आवश्यकता वाली परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी को नहीं हटाया जाता है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि उसने मंजूरी देने की प्रक्रिया को वस्तुत: पारदर्शी बना दिया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) सदस्य बिनय विश्वम के एक सवाल के लिखित जवाब में पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के लिए प्रदान की जाने वाली पर्यावरणीय स्वीकृति, वन स्वीकृति, वन्यजीव स्वीकृति और तटीय विनियमन क्षेत्र स्वीकृति के लिए हरित अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने हेतु 'परिवेश' पोर्टल को मुख्य रूप से ‘सिंगल विंडो पोर्टल’ के रूप में तैयार किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि यह पोर्टल पर्यावरण, वन, वन्यजीव और तटीय विनियमन क्षेत्र की स्वीकृतियों से संबंधित आवेदनों की प्रस्तुति, मूल्यांकन, प्रसंस्करण, ‘ट्रैकिंग’ और निगरानी को सुव्यवस्थित करता है। उन्होंने कहा कि परिवेश पोर्टल का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकीय हस्तक्षेप के माध्यम से स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और उसमें शीघ्रता लाना है, तथापि यह पर्यावरणीय नीतियों, दिशानिर्देशों, नियमों, विनियमों आदि से संबंधित सूचना के प्रसार के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है।
इस पोर्टल के जरिए, हितधारक किसी भी परियोजना से संबंधित वह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जो परियोजना हेतु स्वीकृति प्राप्त करने के आवेदन के एक भाग के रूप में प्रस्तुत की गई हो ।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय उन परियोजनाओं से संबंधित कोई भी सूचना इस पोर्टल से नहीं हटाता है जिनके लिए स्वीकृति की आवश्यकता होती है और वास्तव में, मंत्रालय ने पर्यावरणीय स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है।
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