नयी दिल्ली, 29 जुलाई उद्योग जगत को विशेष प्रयोजन और कम लागत वाले ऐसे ड्रोन का विकास करना चाहिये, जो किसान समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह कहा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने उद्योग संगठन फिक्की के द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "लगभग एक लाख गांव ऐसे हैं, जो ड्रोन से लाभान्वित हो सकते हैं। हम विशेष उद्देश्य वाले ड्रोन डिजाइन कर सकते हैं और उद्योग जगत को उनके लिये कम लागत वाले ड्रोन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिये।"
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फिक्की ने एक बयान के अनुसार, दुबे ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय या राज्य स्तरीय कृषि विश्वविद्यालयों व संस्थानों के साथ साझेदारी पर भी जोर दिया।
कृषि मंत्रालय की संयुक्त सचिव शोमिता बिस्वास ने कहा कि इस क्षेत्र में मिट्टी के विश्लेषण में ड्रोन तकनीक बहुत उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमें बेहतर सिंचाई प्रबंधन और नाइट्रोजन के सही स्तर को बनाये रखने में भी मदद कर सकता है।’’
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उन्होंने स्टार्टअप से ड्रोन रोपण प्रणाली बनाने का भी आग्रह किया, जिससे रोपण की लागत में काफी कमी आयेगी।
कृषि आयुक्त एसके मल्होत्रा ने कहा, "ड्रोन से छिड़काव किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने, पानी की खपत कम करने और उच्च दक्षता हासिल करने में मदद करेगा।’’
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