देश की खबरें | इंडिगो मामला: डीजीसीए ने तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषण टीम का गठन किया

नयी दिल्ली, नौ मई भारत के विमानन नियामक डीजीसीए ने दिव्यांग बच्चे को रांची हवाई अड्डे पर हैदराबाद जाने वाले इंडिगो विमान में सवार होने से रोके जाने के मामले में तीन सदस्यीय ''तथ्यान्वेषण'' टीम का गठन किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

नागिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा, ''वे रांची और हैदराबाद जाकर आज से एक सप्ताह के अंदर पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ''

इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोनोजॉय दत्ता ने इस घटना पर सोमवार को खेद व्यक्त किया और दिव्यांग बच्चे के लिए इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर खरीदने की पेशकश की।

दत्ता ने कहा कि एअरलाइन के कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में सबसे बेहतर निर्णय लिया।

उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर कहा कि किसी भी इंसान के लिए इस तरह की परिस्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए और वह खुद रांची में हुई घटना की जांच कर रहे हैं।

इस बीच, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कहा है कि झारखंड पुलिस इंडिगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे क्योंकि यह प्रथम दृष्टया दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम की धारा-7 का उल्लंघन है, जिसमें सजा का प्रावधान है।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने डीजीसीए से इस मामले में जांच शुरू करने और एअरलाइन व उसके प्रबंधक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

रविवार को कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाया, जिसके बाद तेजी से घटनाक्रम बदलते देखा गया।

डीजीसीए प्रमुख अरुण कुमार ने रविवार को 'पीटीआई-' को बताया कि विमानन नियामक ने इस मामले में इंडिगो से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि डीजीसीए घटना की जांच कर रहा है और उचित कार्रवाई करेगा।

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