देश की खबरें | भारत की गैर-जीवाश्म बिजली उत्पादन क्षमता वर्ष 2022 में 174 गीगावाट हुई : आरके सिंह

नयी दिल्ली, सात फरवरी सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन वाली बिजली उत्पादन क्षमता 31 दिसंबर, 2022, संसद के अंत तक 174.53 गीगावाट हो गई है।

बिजली, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि तापविद्युत केन्द्रों से 235.81 गीगावॉट सहित देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता वर्ष 2022 के अंत में 410 गीगावॉट थी।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में 31 दिसंबर 2022 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से, कुल 174.53 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता स्थापित की जा चुकी है।’’

इस निर्मित क्षमता में 63.30 गीगावॉट सौर ऊर्जा, 46.85 गीगावॉट बड़ी पनबिजली, 41.93 गीगावॉट पवन ऊर्जा, 10.73 गीगावॉट बायो पावर, 4.94 गीगावॉट लघु पनबिजली और 6.78 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा शामिल है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, मंत्री ने कहा कि वित्तवर्ष 2022-23 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों से 29,760.9 करोड़ यूनिट (एमयू) ऊर्जा प्राप्त हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘बिजली की 13,790.3 करोड़ यूनिट में, अकेले बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं ने उक्त अवधि के दौरान कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन में 46.3 प्रतिशत का योगदान दिया। इसके बाद सौर ऊर्जा ने 7,292.4 करोड़ यूनिट (24.5 प्रतिशत) का योगदान दिया। पवन ऊर्जा ने 5,953 करोड़ 23.6 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन के साथ 20 प्रतिशत का योगदान दिया। बाकी बायोमास, भूटान से आयात आदि जैसे अन्य स्रोतों से योगदान रहा।’’

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