मेलबर्न, तीन जून भारत के स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रमुख अभियान कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए तैयार किए जा सकते हैं क्योंकि इसने देश के लोगों में व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर जागरूकता फैलाने का काम किया है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के एक प्रमुख वैज्ञानिक ने यह बात कही।
राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान संगठन (सीएसआईआरओ) में कोविड-19 के टीका विकसित करने वाले दल का नेतृत्व करने वाले एस एस वासन ने सलाह दी कि स्वच्छ भारत अभियान और आयुष्मान भारत योजना के साथ ही हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करके कोविड-19 के प्रकोप से निपट सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि अब भारत में हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता एवं साफ-सफाई जैसी आदतों को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता फैली है।
वासन ने कहा कि इन अभियानों का अनुसरण करके संक्रामक बीमारियों के बोझ को कम किया जा सकता है।
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत गली-मोहल्लों को साफ सुथरा रखने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच को हतोत्साहित करके घर में ही शौचालय की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह, आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गरीब और समाज के कमजोर तबके को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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