नयी दिल्ली, 19 मई भारत के अधिकतर गोल्फर क्वालीफायर के जरिये यूएस ओपन गोल्फ टूर्नामेंट में जगह बनाते रहे हैं लेकिन इस साल कोविड-19 के कारण क्वालीफायर्स रद्द होने से वे निराश हैं।
अधिकतर गोल्फरों के अनुसार यूएस ओपन जीतना सबसे मुश्किल रहा है लेकिन हर गोल्फर इसका हिस्सा बनने का सपना देखता है।
लेकिन इस साल कोरोना वायरस के कारण अमेरिकी गोल्फ संघ ने क्वालीफायर्स का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। टूर्नामेंट जून में होना था जिसे सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है।
यूएस ओपन में छह भारतीय खेले हैं और सभी कभी न कभी क्वालीफायर्स के जरिये वहां तक पहुंचे हैं।
शिव कपूर को क्वालीफायर्स की चुनौती पसंद है। उन्होंने अब तक पांच मेजर में भाग लिया है और हर बार उन्होंने क्वालीफायर्स के जरिये जगह बनायी है। इनमें तीन ब्रिटिश ओपन और दो यूएस ओपन भी शामिल हैं।
कपूर ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि इस बार कोई क्वालीफायर्स नहीं होगा। ओपन रद्द कर दिया गया है और यूएस ओपन ने क्वालीफायर्स स्थगित कर दिये गये हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि कोई विकल्प नहीं था। मेरे लिये क्वालीफायर्स बहुत मायने रखते हैं। मैंने पांच वर्षों में चार मेजर में जगह बनायी है।’’
भारतीयों में केवल जीव मिल्खा सिंह (2007 और 2009) और अनिर्बान लाहिड़ी (2015 और 2016) को सीधे प्रवेश मिला था लेकिन अन्य अवसरों पर वे भी क्वालीफायर्स के जरिये इसमें प्रवेश कर पाये।
जीव ने यूएस ओपन क्वालीफायर्स के रद्द होने के संदर्भ में कहा, ‘‘मेरे हिसाब से यूएस ओपन सबसे मुश्किल मेजर है लेकिन किसी भी गोल्फर के लिये मेजर एक सपना होता है। मुझे खुशी है कि मैं तीन बार क्वालीफायर के जरिये उसमें जगह बनाने में सफल रहा। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के कारण इस बार क्वालीफायर्स नहीं हो पाएंगे लेकिन अगर अगले साल क्वालीफायर्स होते हैं तो मैं निश्चित तौर पर उसमें भाग लूंगा। ’’
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