जरुरी जानकारी | अमेरिका में भारतीय नागरिक पर धोखाधड़ी कर सहायता राशि लेने का मामला दर्ज

ह्यूस्टन, 12 अक्टूबर अमेरिका में 55 वर्षीय एक भारतीय पर धोखाधड़ी कर व्यापार संरक्षण के लिये कर्ज को लेकर आवेदन देने और बाद में धन का अपने निजी उपयोग में करने का अभियोग लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने यह जानकारी दी।

नार्थ टेक्सास के दिनेश शाह नाम के व्यक्ति ने माफी योग्य ‘पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ (पीपीपी) के तहत करीब 2.48 करोड़ डॉलर के कर्ज को लेकर आवेदन किया था। कोरोनावायरस सहायता, राहत और आर्थिक सुरक्षा (सीएआरईएस) कानून के तहत दिये जाने वाले इस कर्ज को लेकर छोटे कारोबार से जुड़े प्रशासन (एसबीए) की गारंटी होती है।

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न्याय विभाग के अनुसार शाह ने कथित रूप से धोखाधड़ी कर पीपीपी कर्ज को लेकर कई फर्जी कंपनियों की तरफ से 15 आवेदन दिये।

शाह पर लगे अभियोग के अनुसार जिन कंपनियों की तरफ से आवेदन किये गये, उनमें से एक ‘रिलीफ विदाउट बोडर्स एलएलसी’ का पंजीकरण कंपनी के रूप में मई के मध्य में हुआ।

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पंजीकृत कंपनी का पता शाह के निवास का पता है जो टेक्सास में कॉपेल में है।

विभाग ने कहा, ‘‘शाह ने कंपनी के एजेंट और प्रबंध सदस्य के रूप में सूचीबद्ध कराया। शाह के आवेदन में दावा किया गया कि कंपनी में कई कर्मचारी हैं और उनके वेतन पर हजारों डॉलर खर्च होते हैं।’’

रिपोर्ट के कहा गया है कि शाह को 1.77 करोड़ डॉलर का पीपीपी कर्ज मिला। उन्होंने उस राशि का उपयोग अपने निर्जी खर्चों में किये।

शाह ने कथित रूप से लाखों डॉलर दूसरे देशों में भी भेजे।

यह राशि कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन, कर्ज की किस्तों के भुगतान और अन्य जरूरी कार्यों के साथ लघु कंपनियों समेत उन इकाइयों को दी जाती हैं, जो कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि फेडरल ग्रांड ज्यूरी ने शाह के खिलाफ धोखाधड़ी, बैंक के साथ फर्जीवाड़ा करने और मनी लांड्रिंग के तहत अभियोग लगाया है।

एपी

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