नयी दिल्ली, 24 फरवरी केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि महाकुंभ के दौरान अपनाए गए अपशिष्ट प्रबंधन के सर्वोत्तम तरीकों को भारत ‘एशिया और प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम’ में प्रदर्शित करेगा।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीन मार्च से जयपुर में शुरू होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में 25 देश और 500 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा आयोजन है और लोग वहां लागू किए जा रहे कचरा प्रबंधन के सर्वोत्तम तरीकों की प्रशंसा कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी को शुरू हुआ 45 दिवसीय धार्मिक समागम 26 फरवरी को संपन्न होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार, त्रिवेणी संगम शुरू होने के बाद से अब तक 60 करोड़ से अधिक लोग इसमें डुबकी लगा चुके हैं।
खट्टर ने कहा कि यह धार्मिक समागम 4,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल की जमीन पर आयोजित किया जा रहा है, जो एक शहर के लिए पर्याप्त बड़ा क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में कचरा प्रबंधन के लिए 25,000 लोगों को तैनात किया गया है।
खट्टर ने कहा कि लोग स्वच्छता बनाए रखने के लिए अधिकारियों की प्रशंसा कर रहे हैं तथा महाकुंभ अब स्वच्छता का सर्वोत्तम उदाहरण बन गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY