संयुक्त राष्ट्र, 24 अप्रैल संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को कहा कि विश्व की सर्वाधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पछाड़ कर इस महीने के अंत में भारत की आबादी 1.425 अरब के आंकड़े पर पहुंचने वाली है।
संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम पूर्वानुमान और वैश्विक आबादी के अनुमानों के अनुसार, चीन की आबादी सदी के अंत से पहले चीन की आबादी एक अरब से नीचे आ सकती है, जबकि भारत की जनसंख्या में कई दशकों तक वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।
अनुमानों में कहा गया है कि चीन 1.426 अरब की आबादी के अपने चरम पर 2022 में पहुंची थी और फिर इसमें कमी आना शुरू हो गया। अनुमानों में संकेत दिया गया है कि ‘‘चीन की आबादी का आकार सदी के अंत से पहले घट कर एक अरब से नीचे जा सकता है।’’
इसमें सोमवार को कहा गया, ‘‘चीन जल्द ही, विश्व की सर्वाधिक आबादी वाले देश का दर्जा गंवा देगा जो उसके पास लंबे समय से है। इस महीने के अंत तक भारत की जनसंख्या बढ़ कर एक अरब 42 करोड़ 57 लाख 75 हजार 850 हो जाने की उम्मीद है, जिसके बाद यह चीन की मुख्यभूमि की आबादी को पार कर जाएगी।’’
वैश्विक संस्था का यह अनुमान संयुक्त राष्ट्र के विश्व जनसंख्या ‘डैशबोर्ड’ पर 142.86 करोड़ की आबादी के साथ चीन को पछाड़ कर भारत के विश्व के सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बनने को प्रदर्शित किये जाने के करीब हफ्ते भर बाद आया है।
संयुक्त राष्ट्र के विश्व जनसंख्या डैशबोर्ड पर फरवरी 2023 के आंकड़ों के आधार पर 19 अप्रैल को प्रदर्शित आंकड़ों में चीन की आबादी अभी 142.57 करोड़ बताई गई थी और इस तरह उसे दूसरा सर्वाधिक आबादी वाला देश बताया गया।
भारत में कार्यशील आयुवर्ग के वयस्कों की संख्या मध्य सदी में कुल जनंसख्या के अनुपात में बढ़ने का अनुमान है। इससे अगले कुछ दशकों में तीव्र आर्थिक वृद्धि के लिए अवसर मुहैया होंगे।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने यह उल्लेख किया है कि आबादी का आकलन करने और अनुमान लगाने से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते चीन को पछाड़ कर भारत के सर्वाधिक आबादी वाला देश बनने की तारीख अनुमानित है और इसका पुनरीक्षण किया जाना है।
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