जरुरी जानकारी | कोविड-19 के बाद वैश्विक आर्थिक पुनरोद्धार में भारत महत्वपूर्ण स्तंभ होगा : जितेंद्र सिंह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार में भारत एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगा।
नयी दिल्ली, छह अगस्त केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार में भारत एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगा।
सिंह ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महमारी के खिलाफ लड़ाई जीतने की रूपरेखा अर्थव्यवस्था को शुरू करने वाले देशों में तथा सहकारिता के संघवाद को मजबूत करने में है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने महामारी से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग का रास्ता तैयार किया है।
कोविड-19-महामारी के दौरान कामकाज के अच्छे संचालन का व्यवहार विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद सिंह ने कहा कि पिछले छह साल के दौरान प्रधानमंत्री ने जो असाधारण विदेशी पहुंच बनाई है, उससे इस महामारी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ बनाने में मदद मिल रही है।
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इस कार्यशाला का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी), विदेश मंत्रालय, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) तथा प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने किया था।
मंत्री ने कहा कि भारत ने कोविड-19 से निपटने के लिए एक टीम के रूप में संवेदना और राज-नीति के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि अपने मजबूत डिजिटल ढांचे की वजह से भारत महामारी के दौरान कामकाज के संचालन की चुनौतियों से निपटने में सफल रहा।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि और सोच की वजह से भारत इस महामारी से प्रभावी तरीके से निपट रहा है। कई अन्य देशों ने भी हमारा अनुकरण किया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार सिंह ने कहा कि मोदी ने न केवल परस्पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा तय की, बल्कि एक करोड़ डॉलर की प्रतिबद्धता के साथ कोविड-19 आपात कोष बनाने में भी उनकी अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने दक्षेस, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम), जी-20 तथा अन्य मंचों पर कोविड-19 के मुद्दे पर संबोधन किया। इसके अलावा इस महामारी पर उन्होंने विभिन्न देशों की सरकारों के प्रमुखों के साथ बातचीत की।
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