जरुरी जानकारी | ‘फोन बैंकिंग’ के बजाय ‘डिजिटल बैंकिग’ अपनाने से भारत सतत वृद्धि की राह पर बढ़ाः मोदी

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सतत आर्थिक वृद्धि का श्रेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली अपनी सरकार के प्रयासों को देते हुए रविवार को कहा कि 2014 से पहले की ‘फोन बैंकिग’ से आगे बढ़कर ‘डिजिटल बैंकिंग’ को अपनाने से यह संभव हो पाया है।

पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘फोन बैंकिंग’ के दौर में बैंकों को फोन पर ये निर्देश दिए जाते थे कि उन्हें किसे और किन शर्तों पर कर्ज देना है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले की ‘फोन बैंकिंग’ की जगह ‘डिजिटल बैंकिंग’ का उपयोग करते हुए सतत वृद्धि हासिल की है।

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की दो डिजिटल बैंकिंग इकाइयों (डीबीयू) समेत कुल 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करते हुए कहा कि ये इकाइयां वित्तीय समावेश का विस्तार करेंगी और नागरिकों के बैंकिग अनुभवों को बेहतर बनाएंगी। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति का सीधा संबंध इसकी बैंकिंग प्रणाली की मजबूती से है।

मोदी ने कहा कि देश 2014 से पहले की ‘फोन बैंकिंग’ प्रणाली से आगे बढ़कर बीते आठ वर्षों में ‘डिजिटल बैंकिंग’ को अपना चुका है जिससे भारत लगातार आगे बढ़ा है। भाजपा की अगुवाई वाली सरकार मई 2014 में सत्ता में आई थी।

मोदी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पारदर्शिता को केंद्र में रखते हुए बैंकिंग प्रणाली में बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की पहचान में पारदर्शिता लाने से बैंकिंग प्रणाली में लाखों करोड़ रुपये वापस आए हैं। हमने बैंकों का पुनर्पूंजीकरण किया, जानबूझकर चूक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और भ्रष्टाचार-रोधी कानून में सुधार किए।’’

उन्होंने कहा कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) को अमल में लाने से बैंकिंग क्षेत्र के एनपीए के पारदर्शी एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान में मदद मिली। डिजिटल बैंकिंग इकाइयों और फिनटेक के नवोन्मेषी उपयोग को लाभकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे बैंकिंग प्रणाली में नई स्वचालित प्रणाली बनी है।

मोदी ने कहा, ‘‘हमने बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।’’ उन्होंने ग्रामीण इलाकों के छोटे व्यवसायों के मालिकों से डिजिटल लेनदेन पूरी तरह अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बैंकों को अपने साथ 100 व्यवसायियों को जोड़ने को कहा ताकि वे पूरी तरह डिजिटल हो जाएं जिससे देश को फायदा होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल अर्थव्यवस्था आज हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे स्टार्टअप जगत, मेक इन इंडिया और आत्म-निर्भर भारत की बड़ी ताकत है। प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था के मेल ने डिजिटल खाई को पाटने और भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद की है।’’

उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को खामियां दूर करने एवं पारदर्शिता लाने में मददगार बताते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र सुशासन और बेहतर सेवा आपूर्ति का माध्यम बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने वंचितों की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत बैंकों को गरीबों के घरों तक पहुंचाने की पहल की है। डीबीटी सुविधा के तहत अब तक 25 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक पहुंचाये जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि ‘पीएम किसान’ योजना की एक और किस्त सोमवार को किसानों के खातों में भेजी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डीबीयू देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देंगी तथा नागरिकों के बैंकिंग अनुभव को बेहतर बनाएंगी।

डिजिटल मुद्रा लाने के सरकार के निर्णय का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आने वाले वक्त में डिजिटल करंसी हो या आज के वक्त का डिजिटल लेनदेन, इनसे अर्थव्यवस्था के अलावा और भी पहलू जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से भौतिक मुद्रा घटेगी और पर्यावरण का संरक्षण भी होगा। नोटों के मुद्रण के लिए कच्चा माल आयात किया जाता है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना मोदी सरकार की खासियत है।

वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि डीबीयू की स्थापना करना देश में डिजिटल अवसंरचना को और बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

इस साल के बजट में देशभर के 75 जिलों में डिजिटल बैंकिंग इकाइयां स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इन इकाइयों की शुरुआत के पीछे सोच यह है कि देश के हर एक हिस्से तक डिजिटल बैंकिंग की पहुंच हो। इस पहल में सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंक, निजी क्षेत्र के 12 बैंक और एक लघु वित्त बैंक शामिल हुए हैं।

इन डिजिटल बैंकिंग इकाइयों में ग्राहक बचत खाता खोलने, अपने खाते में बची राशि पता करने, पासबुक प्रिंट कराने, पैसे भेजने, सावधि जमा निवेश के अलावा क्रेडिट-डेबिट कार्ड और कर्ज के लिए आवेदन जैसे काम कर सकेंगे।

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