नयी दिल्ली, 21 फरवरी नीति आयोग के सीईओ बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने शुक्रवार को कहा कि शुल्क से किसी देश की रक्षा नहीं होती।
उन्होंने कहा कि इस बात पर ध्यान दिए बिना कि शुल्क घटाने के लिए कौन कह रहा है, भारत को अपनी भलाई के लिए शुल्क में कटौती करने की जरूरत है।
सुब्रह्मण्यम ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के 69वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि अगर भारत एक विकसित देश बनना चाहता है, तो दुनिया के लिए खुला रहना उसकी शीर्ष पांच प्राथमिकताओं में एक होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती करने के लिए भारत को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौते पूरे करने होंगे।
नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बनाने के लिए केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर विनियमन में ढील देने की जरूरत है।
सुब्रह्मण्यम ने बताया कि वैश्विक कंपनियों की 'चीन प्लस वन' रणनीति का फायदा इंडोनेशिया, वियतनाम, तुर्की और दूसरे देशों को मिला।
उन्होंने तर्क दिया कि वैश्विक मूल्य श्रृंखला को पीएलआई (उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन) से अधिक की आवश्यकता है। इसके लिए विनियमन और कौशल की भी आवश्यकता है।
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि व्यापार करने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई को भयावह बताया और कहा कि इससे एमएसएमई को नुकसान पहुंच रहा है।
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