गांधीनगर, 17 अगस्त भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वह शुक्रवार को होने वाली जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक से पहले भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित ‘वन अर्थ वन हेल्थ - एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023’ कार्यक्रम के उद्घाटन पर बोल रहे थे।
मांडविया ने मुख्य वक्ता के तौर पर अपने संबोधन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सर्वोदय के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है, 1,50,000 से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के साथ-साथ दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त कर रहा है।”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हम वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। आज भारत को विश्व की ‘फार्मेसी’ कहा जाता है। वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है। हम वैश्विक टीकों में भी लगभग 60 प्रतिशत का योगदान करते हैं।”
इस अवसर पर, मांडविया ने ‘एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया - वन स्टॉप डिजिटल पोर्टल फॉर पेशेंट’ और ‘वर्कफोर्स मोबिलिटी’ पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह (पोर्टल) आज स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र की कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों का ठोस समाधान पेश करेगा।
भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि देश आज 13 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों, आठ लाख आयुष डॉक्टरों और 34 लाख नर्सों और दाइयों के कार्यबल के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, “इस अत्यधिक योग्य और कुशल कार्यबल के माध्यम से, भारत कार्यबल गतिशीलता की एक संगठित प्रणाली में योगदान करने की योजना बना रहा है, जिसमें भारत के स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर वैश्विक समुदाय की सेवा के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करते हैं।”
उन्होंने कहा कि चिकित्सा मूल्य यात्रा या चिकित्सा पर्यटन अधिक ज्ञान-साझा करने, टिकाऊ साझेदारी और एक मजबूत वैश्विक स्वास्थ्य वास्तुकला के निर्माण में योगदान देने वाली बढ़ती सहक्रियाओं को सक्षम करेगा।
इस अवसर पर, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुष, के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है।
सोनोवाल ने अपने संबोधन में कहा, “आज, पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुष, के पास आम आदमी, शिक्षाविदों और उद्योग तथा पूरी दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है। भारत और विश्व स्तर पर आयुष की बढ़ती मांग को आयुष उद्योग के उदय में देखा जा सकता है।”
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री भारती पवार ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने लोगों को सिखाया कि जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक से पहले यहां उप मंत्रियों की बैठक में कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता ‘वसुधैव कुटुंबकम’ - दुनिया एक परिवार है - के दर्शन के इर्द-गिर्द घूमती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY