देश की खबरें | भारत ‘इकलौता देश’ है जिसने दूसरों की कभी एक इंच जमीन नहीं हड़पी : राजनाथ

नयी दिल्ली, 26 फरवरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया का ‘इकलौता देश’ है जिसने कभी हमला नहीं किया और ना ही दूसरे देशों की एक इंच जमीन हड़पी। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की ताकत दुनिया के कल्याण के लिए है, ना कि किसी को डराने के लिए।

राजनाथ सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 98वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। सिंह ने कृषि और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय विश्वविद्यालयों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि गूगल, ट्वीटर, एडोब और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय शैक्षणिक संस्थानों से पढ़कर निकले छात्रों द्वारा चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिंह ने कहा कि हमे इस बात पर भी विचार करने की जरूरत है कि दुनिया की शीर्ष कंपनियों की बागडोर संभालने वाली भारतीय प्रतिभा देश में ऐसी शीर्ष कंपनियां क्यों नहीं बना सकतीं। दीक्षांत समारोह के दौरान 1,73,443 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्री से सम्मानित किया गया।

दोषी आतंकवादियों अफजल गुरु, याकूब मेमन और अमेरिका स्थित ट्विन टावरों के हमलावरों के नाम का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह गलत धारणा है कि आतंकवाद का कारण गरीबी और शिक्षा की कमी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में पूरी शिक्षा और प्रशिक्षित पायलट बनने के बाद भी कोई खालिद शेख या मोहम्मद अता बन सकता है जिसने 9/11 हमले किए, एक डॉक्टर अफजल गुरु बन सकता है, एक सीए याकूब मेमन बन सकता है, एक अरबपति ओसामा बिन बन सकता है।’’ रक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों में सही मूल्यों को विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने प्राचीन ऋषियों, वैज्ञानिकों और विद्वानों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी था, लेकिन सदियों की गुलामी के कारण कई लोग इस बात से अनजान रहे।

राजनाथ ने कहा, ‘‘हमारा सपना भारत को जगद्गुरु बनाना है। हम देश को शक्तिशाली, समृद्ध, ज्ञानी और मूल्यवान बनाना चाहते हैं। हमारी ताकत जन कल्याण के लिए है न कि दुनिया को डराने के लिए। भारत इकलौता ऐसा देश है जिसने कभी किसी दूसरे देश पर हमला या उसकी एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। यह हमारा प्रकृति है। ’’

उन्होंने युवाओं से देश के हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि में शामिल होने से बचने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ‘शून्य’ की अवधारणा भारत द्वारा दी गई थी, श्रीधराचार्य ने द्विघातीय समीकरण दिया था, पाइथागोरस के 300 साल पहले पाइथागोरस प्रमेय बोधायन ने दिया था। उन्होंगे आगे बताया कि इस देश में ईसा मसीह से पहले सर्जरी की गई, कॉपरनिकस से पहले आर्यभट्ट ने पृथ्वी के आकार की व्याख्या करके बता दिया था कि यह अपनी धुरी पर घूमती है।

देश की आध्यात्मिक शक्ति के बारे में बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे लोग भी मुसीबत के समय शांति के लिए नैनीताल के पास कांची धाम में नीम करोली बाबा के पास गये।

कार्यक्रम के दौरान सिंह ने छात्रों को 197 पदक भी प्रदान किए। रिकॉर्ड संख्या में लोगों को 802 डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले कुलपति योगेश सिंह के बताया कि विश्वविद्यालय इस साल 1 मई को 100 साल पूरे करने जा रहा है।

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