माले, 27 मार्च भारत ने रविवार को संयुक्त रूप से मालदीव में तैयार नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा कि नशे की लत स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दा है जिससे निपटने के लिए अवसंरचना और विज्ञान की जरूरत है लेकिन सबसे अधिक इलाज की समझ और करुणा की आवश्यकता है।
जयशंकर ने यह टिप्पणी मालदीव के अड्डू शहर में बने विलुनु नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र का संयुक्त रूप से हुए उद्घाटन समारोह में शामिल होने के दौरान की। इस केंद्र की स्थापना करने के लिए भारत और मालदीव की सरकार ने संयुक्त रूप से वित्त पोषण किया है।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र 20 उच्च प्रभाव वाले समुदाय विकास परियोजनाओं में से पहला है जिन्हें पूरा किया जाना है।
जयशंकर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान रणनीतिक चुनौतियों के बावजूद इस केंद्र को एक साल में तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थ की तस्करी अपराध है और निश्चित तौर पर इसके प्रति शून्य बर्दाश्त होनी चाहिए लेकिन नशे की लत स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दा है और इसके लिए अवसंरचना और विज्ञान की जरूरत है लेकिन सबसे अधिक समझ और करुणा की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नशा मुक्ति और पुनर्वास की प्रक्रिया के लिए अवसंरचना और प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत है।मुझे यह सुनकर खुशी हुई कि यह केंद्र 24 प्रशिक्षित कर्मियों के साथ कार्यरत है और अगले सप्ताह से 20 मरीजों के साथ पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करेगा।’’
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