नयी दिल्ली, नौ दिसंबर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि वैश्विक रूप से कुशल कार्यबल तैयार करने और उन्हें उपलब्ध कराने के लिहाज से भारत भू-आर्थिक तथा भौगोलिक तौर पर अच्छी स्थिति में है।
कौशल विकास पर नौवें वैश्विक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी और ओआईए) संजय भट्टाचार्य ने कहा कि यूरोप, अमेरिका और जापान के साथ परस्पर लाभप्रद व्यवस्था के माध्यम से भारत बेहद कुशल श्रमिकों व पेशेवरों की मौजूदगी में सुधार करने के लिये तैयार है।
वैश्वीकरण से आज की दुनिया की पहचान होती है जो वैश्विक गतिशीलता पर बढ़ती है।
भट्टाचार्य के मुताबिक, विशेषज्ञता,क्षेत्र संबंधी ज्ञान और कौशल सफलता की कुंजी हैं और युवाओं की रोजगार क्षमता को भी निर्धारित करेंगे जो भारत को जनसांख्यिकी लाभांश देते हैं जिसका फायदा देश को 21वीं सदी के उत्तरार्ध में मिलेगा।
‘काम का भविष्य-विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी कुशल कार्यबल बनाना’ विषय पर बोलते हुए विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खाड़ी देशों और यूरोप में परंपरागत श्रमिक बाजारों में भारत अच्छी स्थिति में था।
उन्होंने कहा,“खाड़ी में भारत की सफलता की कहानी सर्वविदित है और उन देशों में 90 लाख से ज्यादा भारतीय श्रमिक और पेशेवर हैं।”
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