नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर फ्रांस की विकास मामलों की उपमंत्री क्रिसौला ज़ाचारोपोलू ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में जैतापुर स्थल (साइट) पर परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों की स्थापना में तेजी लाने के तरीकों पर चर्चा की।
सरकारी बयान के अनुसार, फ्रांसीसी मंत्री के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था । इसमें भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन और परमाणु सलाहकार थॉमस म्यूसेट एवं अन्य फ्रांसीसी अधिकारी भी शामिल थे ।
इसमें कहा गया है कि भारत सरकार ने पहले ही फ्रांस के साथ तकनीकी सहयोग में 1650 मेगावाट के छह परमाणु ऊर्जा रिएक्टर स्थापित करने के लिए अपनी 'सैद्धांतिक' स्वीकृति दे दी है।
बयान के अनुसार, फ्रांस की मंत्री ने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 2023 की शुरुआत में भारत आने की संभावना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने फ्रांस की मंत्री को आश्वासन दिया कि तकनीकी, वित्तीय और नागरिक परमाणु दायित्व से संबंधित मुद्दों को दोनों पक्षों द्वारा शीघ्रातिशीघ्र हल कर लिया जायेगा ।
इसमें कहा गया है कि फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ले मायेर का भी दिसंबर के मध्य तक भारत आने का कार्यक्रम है।
दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और व्यापक द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष मई में तीन दिवसीय यूरोप यात्रा के अंतिम चरण में पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी और तब दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों सहित विभिन्न विषयों पर बात की थी।
सिंह ने कहा कि परमाणु ऊर्जा सहित विभिन्न स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के संयोजन से नेट जीरो लक्ष्यों को पूरा करने की उम्मीद है। इस संदर्भ में निर्माणाधीन परियोजनाओं के क्रमशः पूर्ण होने के बाद 6780 मेगावाट की वर्तमान परमाणु ऊर्जा क्षमता के 2031 तक बढ़ाकर 22,480 मेगावाट करने की योजना है।
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