देश की खबरें | कृषि विधेयकों के विरोध में भारत बंद, किसानों ने सड़क यातायात बाधित किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़ : नोएडा, 25 सितंबर संसद द्वारा हाल ही में पारित कृषि संबंधी तीन विधेयकों के खिलाफ शुक्रवार को विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के कई हिस्सों में किसानों ने नारेबाजी की और सड़कों को जाम कर दिया।

पंजाब और हरियाणा में व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किए गए। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और कर्नाटक में भी किसानों ने प्रदर्शन किए।

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तीस से अधिक संगठनों ने अलग से पंजाब बंद का आह्वान किया था। इसमें किसानों ने सड़कों को जाम कर दिया और व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी। राज्य में लगभग पूरी तरह से बंद रहा।

सैंकड़ों किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन उन्हें दिल्ली की सीमा पर रोक दिया गया। ये किसान पैदल, दोपहिया वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार थे। उनके आंदोलन की वजह से नोएडा और गाजियाबाद में यातायात प्रभावित हुआ।

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शहर में प्रवेश नहीं दिए जाने के बाद किसानों ने सड़कों पर ही पंचायतों का आयोजन किया जिसे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी विचारक दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर कहा कि ये विधेयक किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने वाले हैं।

हालांकि किसान यूनियनों और विपक्षी दलों का कहना है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली समाप्त हो जाएगी।

पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों से जुड़े किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

माकपा के किसान प्रकोष्ठ 'सारा भारत कृषक सभा' ​​और भाकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक तथा आरएसपी जैसे अन्य वाम दलों ने हुगली, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, बांकुरा और नादिया में रैलियां निकालीं।

कर्नाटक में राज्य भर में प्रदर्शन हुए और कृषि उपज विपणन समिति कानून तथा कर्नाटक भूमि सुधार कानून में संशोधन के खिलाफ कई किसान राजधानी बेंगलुरु पहुंचे।

केरल में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने तिरुवनंतपुरम में राजभवन के बाहर सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया।

पंजाब के बरनाला में प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रैक्टर को आग लगा दी।

पंजाब के किसानों ने संगरूर-पटियाला, चंडीगढ़-बठिंडा और अंबाला-राजपुरा-लुधियाना तथा मोगा-फ़िरोज़पुर सड़कों को जाम कर दिया। इससे यात्रियों को आने जाने में परेशानी हुयी।

पंजाब में सरकारी पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट की बसें भी सड़कों पर नहीं उतरीं।

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुक्तसर जिले में एक ट्रैक्टर चलाया। उनकी पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल उनके साथ बैठी हुयी थीं।

उन्होंने अपने गांव बादल से लांबी तक ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व किया जहां पार्टी ने विधेयकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

हरभजन मान और रंजीत बावा जैसे प्रमुख पंजाबी गायकों ने नाभा में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

बृहस्पतिवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय "रेल रोको" आंदोलन पंजाब में भी चल रहा है। पंजाब के कई स्थानों पर किसान पटरियों पर बैठे हुए थे। आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को निलंबित कर दिया है।

किसान मजदूर संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आंदोलन को और तीन दिनों तक बढ़ाने की घोषणा की।

पड़ोसी राज्य हरियाणा में किसानों ने करनाल-मेरठ, रोहतक-झज्जर और दिल्ली-हिसार तथा अन्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया।

दिल्ली की सीमा से लगे नोएडा और गाजियाबाद के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देवरिया, कुशीनगर तथा महाराजगंज जिलों में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किए।

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