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देश की खबरें | भारत, ऑस्ट्रेलिया ने मोदी-मॉरिसन ऑनलाइन शिखर बैठक के बाद महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किये

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देश की खबरें | भारत, ऑस्ट्रेलिया ने मोदी-मॉरिसन ऑनलाइन शिखर बैठक के बाद महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किये
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नयी दिल्ली, 4 जून भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साजो-सामान (लॉजिस्टिक) सहयोग के उद्देश्य से एक दूसरे के सैन्य अड्डों तक आपसी पहुंच सुगम बनाने के महत्वपूर्ण समझौते सहित संबंधों को और मजबूत बनाने के लिये बृहस्पतिवार को छह अन्य समझौते किये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये समझौते हुए ।

दोनों देशों के बीच हुए साझा लॉजिस्टिक सहयोग समझौते (एमएलएसए) के तहत सम्पूर्ण रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के अलावा दोनों देशों की मिलिट्री को मरम्मत और आपूर्ति बहाली के लिये एक दूसरे के सैन्य अड्डों का उपयोग करने की बात कही गई है ।

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गौरतलब है कि भारत ने ऐसा ही समझौता अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ किया है।

दोनों देशों ने साइबर एवं साइबर युक्त प्रौद्योगिकी तथा खनिज एवं खनन, सैन्य प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक शिक्षा तथा जल संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर समझौता किया ।

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दोनों पक्षों ने आतंकवाद के बढ़ते खतरे, हिन्द प्रशांत क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा चुनौतियों, विश्व व्यापार संगठन में सुधार तथा कोरोना वायरस संकट से निपटने के रास्तों सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की ।

मोदी-मॉरिसन के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत दोहरा कराधान समझौता के उपयोग के जरिये भारतीय कंपिनयों के आय पर कराधान के मुद्दे पर चर्चा की और इस मुद्दे का जल्द हल निकालने की बात कही ।

इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समग्र आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) पर फिर से बतचीत करने का निर्णय किया जहां आपसी सहमति से रास्ता तलाशा जाए ।

दोनों देशों ने आतंकवाद को क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिये खतरा माना और इस बुराई के हर रूप कड़ी निंदा करते हुए जोर दिया कि किसी भी आधार पर आतंकी गतिविधि को उचित नहीं ठहराया जा सकता ।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष हिंसक कट्टरपंथ और चरमपंथ को रोकने, आतंकवादियों के वित्तीय समर्थन को रोकने तथा आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों पर मुकदमा चलाने सहित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिये समग्र रुख का समर्थन किया ।

दोनों पक्षों ने समग्र अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद संधि (सीसीआईटी) को जल्द अंगीकार करने का आह्वान किया ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अस्ट्रेलिया के अपने समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के साथ ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए कहा कि भारत में सभी क्षेत्रों को शामिल करते हुए समग्र सुधार की एक प्रक्रिया शुरू की गई है क्योंकि वह कोरोना वायरस संकट को एक ‘अवसर’ के रूप में देख रहे हैं ।

अपने शुरूआती संबोधन में मोदी ने महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से दुनिया को जल्दी बाहर निकालने के लिये समन्वित एवं एकजुट पहल की वकालत करते हुए कहा कि इस महामारी के कारण विश्व में 65 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और दुनिया में 3.88 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

आभाषी शिखर बैठक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे ‘‘भारत-ऑस्ट्रेलिया गठजोड़ का एक नया मॉडल’’ और कारोबार करने का भी नया मॉडल बताया ।

प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरिसन के साथ अपनी बैठक को ‘अभूतपूर्व’ बताया जिसमें दो सामरिक सहयोगियों के बीच संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की गई ।

दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य सेवा, कारोबार और रक्षा क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘इस कठिन समय में आपने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का, और ख़ास तौर पर भारतीय छात्रों का, जिस तरह ध्यान रखा है, उसके लिए मैं विशेष रूप से आभारी हूँ ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी सरकार ने इस संकट को एक अवसर की तरह देखने का निर्णय लिया है। भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बहुत जल्द ही जमीनी स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे । ’’

मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त समय, उपयुक्त मौक़ा है तथा अपनी दोस्ती को और मज़बूत बनाने के लिए हमारे पास असीम संभावनाएँ हैं ।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कैसे हमारे संबंध अपने क्षेत्र के लिए और विश्व के लिए एक ‘स्थिरता का कारक’ बनें, कैसे हम मिल कर वैश्विक बेहतरी के लिए कार्य करें, इन सभी पहलुओं पर विचार की आवश्यकता है।’’

वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मॉरिसन ने जी-20 सहित अन्य मंचों पर रचनात्मक एवं काफी सकारात्मक भूमिका के लिये मोदी की सराहना की, जिसमें कोरोना वायरस से निपटने के लिये वैश्विक पहल को आगे बढ़ाने की बात कही ।

मोदी ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने सम्बन्धों को व्यापक तौर पर और तेज़ गति से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘यह न सिर्फ़ हमारे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व के लिए भी आवश्यक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक महामारी के इस काल में हमारे समग्र सामरिक गठजोड़ की भूमिका और महत्वपूर्ण रहेगी। विश्व को इस महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से जल्दी निकलने के लिए एक समन्वित और एकजुट पहल की आवश्यकता है।’’

दीपक

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2020 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).