देश की खबरें | स्वतंत्रता दिवस : कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कल्याणकारी योजनाए घोषित की

नयी दिल्ली, 15 अगस्त आजादी की 75वीं सालगिरह पूरे देश में सोमवार को धूम-धाम से मनाई गई। इस मौके पर कई मुख्यमंत्रियों ने जहां कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की वहीे कुछ ने इस अवसर का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘रेवड़ी संस्कृति’ की टिप्पणी का जवाब देने के लिए किया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कल्याणकारी योजनाओं को मुफ्त की सौगात बताने को लोगों का ‘अपमान’ करार दिया। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कल्याणकारी योजनाओं को लागू करे।

‘मुफ्त की सौगात’ विषय पर चल रही बहस में शामिल होते हुए राव ने कहा, ‘‘लोगों का कल्याण सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। केंद्र को जिम्मेदार ठहराना उचित है क्योंकि वह अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन किए बिना कल्याणकारी योजनाओं को मुफ्त की सौगात कह लोगों का अपमान कर रही है।’’

राव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह संघीय मूल्यों को नुकसान पंहुचा रही है, राज्यों को वित्तीय रूप से कमजोर कर रही और शक्तियों को केंद्रीकृत कर रही है।

गहलोत ने कहा कि गरीबों, बुजुर्गों, विधवाओं, नि:शक्तजनों के लिये चलाई जा रही लोक कल्याणकारी योजना को लागू करना सरकार का कर्त्तव्य है और मैं उसको ‘रेवड़ी कल्चर’ नहीं मानता हूं।

गहलोत ने कहा, ‘‘सामाजिक सुरक्षा मेरा मुख्य ध्येय है… । आज दुनिया के विकसित देशों में गरीबों को, बुर्जगों को सबको साप्ताहिक पैसा मिलता है…, जिंदा रहने का हक सबको है, और सरकार का यह कर्त्तव्य है कि कल्याणकारी योजना लागू करे।’’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि नि:शुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त की सौगात नहीं हैं और इन दोनों तक पहुंच, एक पीढ़ी में ही देश की गरीबी को खत्म कर सकती है।

उन्होंने इस बात पर जोर भी दिया कि पूरे देश में स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को पांच साल में नया रूप दिया जा सकता है, जैसा कि राष्ट्रीय राजधानी में हुआ है।

हाल के समय में मुफ्त की सौगात को लेकर राजनीतिक बयानबाजी छिड़ी हुई है और भाजपा ने केजरीवाल पर सत्ता के लिए लोगों को प्रलोभन देने में इसका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के बाद, वोट हासिल करने के लिए मुफ्त उपहार देने की ‘‘रेवड़ी संस्कृति’’ के खिलाफ लोगों को आगाह किया था और कहा था कि यह देश के विकास के लिए ‘‘बहुत खतरनाक’’ है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने हड़ताल और पथराव को पीछे छोड़ दिया है तथा विकास एवं शांति के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है।

सिन्हा ने यहां शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने आतंकवाद पर अंतिम और निर्णायक प्रहार शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के 1.30 करोड़ लोगों को इन प्रयासों के समर्थन में आवाज बुलंद करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कश्मीर में अब हड़ताल का आह्वान नहीं किया जाता और ‘‘पथराव’’ का युग इतिहास के पन्नों में चला गया है। उन्होंने कहा, ‘‘बाजार अब बंद नहीं होते या स्कूल लंबे समय तक बंद नहीं रहते।’’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना चाहती हैं, जहां कोई भूखा नहीं रहे, जहां कोई महिला असुरक्षित महसूस नहीं करे और जहां कोई दमनकारी ताकत लोगों को बांटने का काम नहीं करे।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक के बाद एक ट्वीट करते हुये ममता ने कहा कि भारतीयों को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा को बनाए रखना चाहिए।

लोगों से देश के लिये उनके सपनों के बारे में पूछते हुये ममता ने कहा, ‘‘इस महान देश के लोगों से मेरा वादा है कि अपने सपनों के भारत के लिए मैं हर रोज प्रयास करूंगी।’’

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, “आज जब हम सब ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम के साथ जुड़े हैं, तब हमें अपने देश पर, अपने देश के संसदीय लोकतंत्र पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए।”

ध्वजारोहण के बाद आयोजित समारोह में योगी ने कहा, “देश के 135 करोड़ लोगों के एक स्‍वर और ‘एक भारत-सर्वश्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना के साथ पूरा भारत अपनी आन, बान और शान के प्रतीक तिरंगे को हर घर, हर कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फहराता हुआ दिखाई दिया है।”

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हमें अतीत की गौरवशाली विरासत के साथ जोड़ता है, जिस पर हर भारतवासी को गर्व करना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “न्याय के साथ विकास, यह सबसे बड़ी चीज है। हम लोगों को जब से काम करने का मौका मिला है, हम ऐसा करते रहे हैं और आगे भी इसे जारी रखेंगे। हम युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेंगे।”

उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की तरफ इशारा करते हुए कहा, “नौकरी वाली जो बात है... हम लोग अब एक साथ हैं। हम लोगों का विचार है कि कम से कम दस लाख रोजगार सृजित किए जाएं। सरकार के अंदर और बाहर, दोनों जगह नौकरी और रोजगार के इंतजाम करवाएंगे।”

नीतीश ने कहा, “हर स्तर पर इतना काम बढ़ना चाहिए कि दस लाख रोजगार सृजित हों। हम लोगों का मन है कि आगे चलकर 20 लाख रोजगार सृजित किए जाएं। इसके लिए हम हर संभव कोशिश करेंगे।” मालूम हो कि तेजस्वी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को दस लाख नौकरियां देने का वादा किया था।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता आम आदमी के लिए काम करने की है और वह अन्य पिछड़ा वर्गों, मराठा और धनगर समुदायों को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य सचिवालय में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद शिंदे ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आयी हुयी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले दिन से काम करना शुरू कर दिया और हमारी प्राथमिकता आम आदमी, किसानों, श्रमजीवी वर्ग के लिए काम करने की है। सरकार ओबीसी, मराठा और धनगर (चरवाहा) समुदायों को आरक्षण के लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि राष्ट्र को आज महात्मा गांधी के धर्मनिरपेक्षता एवं भाईचारे के आदर्शों का पालन करने की सबसे अधिक जरूरत है और द्रमुक (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) शासन के ‘द्रविड़ मॉडल’ ने सभी वर्गों के लोगों के कल्याण के लिए ऐसे सभी उच्च सिद्धांतों को अपनाया है।

स्टालिन ने फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराने के बाद अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी धर्मनिरपेक्षता, समानता, भाईचारे, सादगी, ईमानदारी और अनुशासन जैसे सभी महान मानवीय सिद्धांतों के प्रतीक थे और वह उन महान राष्ट्रीय शख्सियतों में से हैं जिनकी याद लोगों को समय-समय पर दिलाई जानी चाहिए।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों से स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और राज्य को फिर से 'रंगला' (जीवंत) बनाने के लिए बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया।

मान ने कहा कि ये कुरीतियां राज्य की प्रगति और यहां के लोगों की समृद्धि में बाधक हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रत्येक हरियाणवी को उन ‘पंच-प्रण’ को पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए, जिसकी अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों से की है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार और देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की स्मृति को ‘स्थाई’ रूप से सहेजने के लिए प्रदेश में स्मारक बनाने की घोषणा की।

शिवराज ने युवाओं को एक साल के अंदर एक लाख सरकारी नौकरी देने और प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में नहीं आने वाले लोगों को भी आवास देने घोषणा की।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलवाद की रोकथाम में मिल रही सफलता वास्तव में लोकतांत्रिक आस्थाओं की जीत है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया।

उन्होंने कहा, “हमें विरासत में प्राप्त नक्सलवाद की समस्या की रोकथाम में मिल रही सफलता वास्तव में लोकतांत्रिक आस्थाओं की जीत है। इस जीत में ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की बड़ी भूमिका है।”

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में तीन फीसदी की वृद्धि और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार की घोषणा की।

बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार ने सफाई, पोषण , किसानों, मजदूरों और राज्य के बहादुर सैनिकों के लिए आजादी की 75वीं सालगिरह पर नयी योजना लागू करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत की अर्थव्यवस्था को 5000 अरब डॉलर का बनाने के अभियान में कम से कम 1000 अरब डॉलर का योगदान देने के लिए राज्य को सशक्त बनाना चाहती है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण के लिए अपना समय दें ताकि अगले 25 साल में देश में अहम बदलाव को हासिल किया जा सके, जब देश अपनी आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा।

तिरुवनंतपुरम में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि संघवाद, भारतीय संविधान का आधार होने के साथ-साथ देश के अस्तित्व का भी मूल है, इसलिए आगे बढ़ने के दौरान, खातसौर पर वित्तीय मामलों में इसका ध्यान रखना चाहिए।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने घोषणा की कि उनकी सरकार निचले स्तर पर न्यायपालिका पर बोझ कम करने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों समेत एक लाख मामूली मुकदमों को वापस लेगी।

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा कि राज्य को तेजी से विकास करने और युवाओं के लिए रोजागार के अवसर पैदा करने के लिए सभी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की जरूरत है।त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य जल्द ही अपने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए विशेष अधिकारियों की भर्ती करेगा।

मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि उनकी सरकार कड़े सुधारों को लागू करेगी और बेहतर अरुणाचल प्रदेश के लिए किसी भी मुद्दे पर काम करने से हिचकिचाएगी नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘ असम और अरुणाचल प्रदेश स्पष्ट इरादे और खुले दिमाग के साथ मुद्दों से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि मुद्दों को आज नहीं तो कल सुलझा ही लिया जाएगा। हाल का नामसाई घोषणापत्र इस दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम है।’’

सिक्किम के मुख्यमंत्री पी. एस. तमांग ने नामची के भाईचुंग स्टेडियम में तिरंगा फहराया और राज्य की महिलाओं के कल्याण के लिये योजनाओं की घोषणा की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)