देश की खबरें | बढ़ते प्रदूषण, कोरोना मामलों में वृद्धि से दिल्ली के अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात नवम्बर बढ़ते वायु प्रदूषण और कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली के अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है। अस्पतालों में खाली बिस्तरों की संख्या तेजी से कम हो रही है और बाह्य रोग विभागों (ओपीडी) में लोगों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़ने के साथ ही निजी अस्पतालों और केन्द्र सरकार के संस्थानों में वेंटिलेटर के साथ आईसीयू बिस्तर भर रहे हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में शुक्रवार को पहली बार कोविड-19 के सात हजार से अधिक मामले दर्ज किये और मामलों की संख्या 4.23 लाख से अधिक पहुंच गई। इस महामारी से 64 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 6,833 हो गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति भी बिगड़ रही है, सार्वजनिक स्थानों विशेषकर भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बाजारों और दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ रही है और सुरक्षा मानदंडों का पालन करने में लापरवाही के कारण मामलों में उछाल आया है।

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आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक राणा ए के सिंह ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर और मौसम में बदलाव के कारण श्वसन संबंधी समस्याओं के साथ अस्पताल आने वाले रोगियों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘अस्पताल आने वाले कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।’’

एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने भी कहा है कि अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में बिस्तर तेजी से भर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि होने से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।

गुलेरिया ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘इसके अलावा वायु प्रदूषण और श्वसन संबंधी समस्याओं के कारण आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह दोहरी मार है।’’

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