नयी दिल्ली, आठ जुलाई राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस को शिकस्त देने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भारत अग्रिम मोर्चे पर है और महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने के निए वैश्विक सहयोग को बढ़ाना वक्त की जरूरत है।
कोविंद ने बुधवार को न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और उज्बेकिस्तान के मिशन प्रमुखों के परिचय पत्र प्राप्त करने संबंधी आयोजन में कहा कि भारत के तीनों देशों के साथ प्रगाढ़ संबंध हैं और वह अहम वैश्विक मुद्दों पर उनसे समान विचार साझा करता है।
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राष्ट्रपति भवन से जारी बयान के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ाना वक्त की जरूरत है।
बयान में कहा गया कि भारत महामारी को शिकस्त देने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में अग्रिम मोर्चे पर हैं।’’
राष्ट्रपति ने तीनों देशों के साथ जीवंत संबंधों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सत्र 2021-22 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य होने के नाते भारत वैश्विक शांति और समृद्धि को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने को उत्सुक है।
बयान के अनुसार,‘‘यह दूसरी बार है जब कोरोना वायरस संक्रमण के कारण राष्ट्रपति भवन में परिचय पत्र सौंपने का यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुआ है।’’
इससे पहले राष्ट्रपति मई माह में सात देशों के राजदूतों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पहचानपत्र प्राप्त कर चुके हैं।
न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त डेविड पाइन, ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर फिलिप बार्टन और उज्बेकिस्तान गणराज्य के राजदूत अखातोव दिलशोद खामिदोविच ने बुधवार को राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे।
कोविंद ने सभी राजदूतों को शुभकामनाएं दीं।
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