देश की खबरें | कर चोरी मामले में राजस्थान के कारोबारी समूह के खिलाफ दिल्ली, जयपुर, मुंबई में आयकर विभाग के छापे

नयी दिल्ली/जयपुर, 13 जुलाई राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर संकट के बीच, आयकर विभाग ने सोमवार को कथित कर चोरी के मामले में एक लोकप्रिय ज्वेलरी चेन समेत तीन व्यापारिक प्रतिष्ठानों के 43 परिसरों पर छापे मारे। इनके संबंध कांग्रेस नेताओं से है।

सीबीडीटी ने देर रात जारी बयान में बताया , " आयकर विभाग ने तीन समूहों के जयपुर में 20, कोटा में छह, दिल्ली में आठ और मुंबई में नौ परिसरों पर तलाशी और सर्वेक्षण अभियान चलाया। "

यह भी पढ़े | कोरोना को लेकर पुणे में जारी लॉकडाउन के बीच जारी हुआ नई गाइडलाइन, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद.

सीबीडीटी आयकर विभाग की नीति निर्माता संस्था है।

बयान में बताया गया है, " कागज़, डायरी, डिजिटल डेटा के रूप में कई सबूत मिले हैं जो नकद में सोने-चांदी की खरीद फरोख्त, संपत्तियों में नकद का निवेश समेत अन्य का संकेत देते हैं। "

यह भी पढ़े | Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट के करीबी सूत्रों ने रिलीज किया वीडियो, समर्थन करने वाले विधायक आए नजर- देखें वीडियो.

अधिकारियों ने बताया कि विभाग के दल ने आम्रपाली ज्वेलर्स के परिसरों पर छापे मारे। इसके मालिक राजीव अरोड़ा हैं, जो राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। साथ में ओम मेटल्स इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर भी छापा मारा गया है। माना जाता है कि इसके प्रवर्तक राज्य में कांग्रेस नेताओं के करीबी हैं।

यह छापेमारी ऐसे वक्त हुई है जब राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी खींचतान चल रही है। सत्तारूढ़ पार्टी ने इसकी आलोचना की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र राठौड़ के परिसरों की भी तलाशी ली गई है।

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों के अलावा आयकर विभाग के कम से कम 80 कर्मचारी जुटे हैं।

सीबीडीटी ने किसी भी समूह का नाम नहीं लिया है, लेकिन छापेमारी के कारण बताए हैं।

बयान में बताया गया है, "एक समूह होटल, पनबिजली परियोजनाएं, धातु और ऑटो क्षेत्र जैसे कई कारोबारी गतिविधियों में शामिल है। यह संदेह है कि उसने इन गतिविधियों से अर्जित बेहिसाब आय को रीयल स्टेट में निवेश किया है।"

बयान में बताया गया है कि दूसरा समूह सोने-चांदी के जेवरात के व्यापार और चांदी के प्राचीन सामान के कारोबार में शामिल है तथा ब्रिटेन और उसके अमेरिका समेत अलग अलग देशों में सहयोगी उद्यम हैं और उन देशों में संपत्तियां और बैंक खाते हैं।

सीबीडीटी ने कहा, " इस समूह के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि वह अपनेचांदी के जेवरात का काफी कारोबार नियमित बही खातों से इतर कर रहा है। "

बयान में बताया गया है कि तीसरा समूह होटल कारोबार में शामिल है।

उसमें कहा गया है कि इसमें उसके निवेश के स्रोत को सत्यापित किया जाना है।

सीबीडीटी ने कहा कि इन मामलों में जांच " प्रक्रिया में है।"

ओम मेटल्स इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटिड के दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित और राजस्थान के कोटा स्थित परिसरों की तलाशी ली गई है। कंपनी हाइड्रो मैकेनिकल उपकरणों से जुड़ा काम करती है और उसे 2018 में राजस्थान में बांध निर्माण के संबंध में ठेका दिया गया था।

पीटीआई- ने कंपनी को फोन किया और ई-मेल भेजे जिसका जवाब नहीं दिया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)