नयी दिल्ली, 22 सितंबर चालू खरीफ सत्र में अब तक धान का रकबा लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर 411.52 लाख हेक्टेयर रहा है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दूसरी ओर दलहन के रकबे में पांच प्रतिशत की कमी आई है।
पिछले वर्ष की समान अवधि में धान का रकबा 400.72 लाख हेक्टेयर था।
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार दलहन का रकबा एक साल पहले की अवधि के 128.49 लाख हेक्टेयर से पांच प्रतिशत घटकर 122.57 लाख हेक्टेयर रह गया।
मोटे अनाज का रकबा पहले के 183.73 लाख हेक्टेयर से मामूली बढ़कर 186.07 लाख हेक्टेयर हो गया।
तिलहनों की बुवाई पहले के 196.08 लाख हेक्टेयर की तुलना में घटकर 192.91 लाख हेक्टेयर रह गयी। मूंगफली का रकबा 45.51 लाख हेक्टेयर से घटकर 43.89 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि सोयाबीन का रकबा 124.77 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 125.59 लाख हेक्टेयर हो गया।
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि कपास खेती का रकबा 127.57 लाख हेक्टेयर से घटकर 123.42 लाख हेक्टेयर रह गया है।
हालांकि, गन्ने का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की समान अवधि के 55.66 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़कर 59.91 लाख हेक्टेयर हो गया।
चालू खरीफ (ग्रीष्मकालीन बुवाई) सत्र में कुल रकबा पहले के 1,099.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1,102.99 लाख हेक्टेयर हो गया है।
खरीफ फसलों की कटाई आम तौर पर अक्टूबर से शुरू होती है।
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