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अब 400 स्टेशनों पर मिलेगी कुल्हड़ में चाय, प्लास्टिक के उपयोग पर लगेगा अंकुश

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि आने वाले समय में देश के हर रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक मुक्त कुल्हड़ में ही चाय मिलेगी।

अब 400 स्टेशनों पर मिलेगी कुल्हड़ में चाय, प्लास्टिक के उपयोग पर लगेगा अंकुश
कुल्हड़ (Photo Credits Wikimedia Commons)

जयपुर: रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने रविवार को कहा कि आने वाले समय में देश के हर रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक मुक्त कुल्हड़ में ही चाय मिलेगी. राजस्थान के अलवर में ढिगावड़ा रेलवे स्टेशन पर ढिगावड़ा - बांदीकुई रेलखंड पर विद्युतीकृत रेलमार्ग के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘‘आज देश में लगभग 400 रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में ही चाय मिलती है. आगे चलकर हमारी योजना है कि देश के हर रेलवे स्टेशन पर सिर्फ कुल्हड़ में चाय बिकेगी.. प्लास्टिक मुक्त भारत में रेलवे का भी यह योगदान रहेगा.  इससे लाखों भाई बहनों को रोजगार मिलता है.

उन्होंने कहा कि पहले एक जमाना था जब रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में ही चाय मिलती थी। जब 2014 में केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार आयी तब तक कुल्हड़ गायब हो गये और प्लास्टिक के कप में चाय मिलनी शुरू हो गयी. रेल मंत्री ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग विभाग के लोगों ने रेलवे के साथ मिलकर इस कार्य को गति दी है. यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: समाजवादी पार्टी UP विधानसभा में ‘लव जिहाद’ कानून का करेगी विरोध.

गोयल ने कहा, ‘‘आज के इस विद्युतीकरण के खत्म हो जाने के बाद अब रेवाडी से अजमेर तक जाने वाले रेलमार्ग पर अब शत प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है और अब पूरी तरह से गाडियां इलेक्ट्रिक लाइन पर चलेगी.. आपके क्षेत्र में डीजल की गाड़ियां बंद करके हम आपके क्षेत्र के प्रदूषण को पूरी तरीके से शून्य करेंगे. इससे ट्रेन की गति भी बढ़ेगी और उद्योग, किसानों के उत्पाद को जल्दी भेज सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी किसान रेल किसानों का सरसों देश के कोने काने तक पहुंचा पायेगी और किसानों को सही मूल्य और दाम मिलेगा. जिस व्यक्ति से किसानों को पूरी कीमत मिल सकेगी उन्हें वे अपना माल भेज सकेंगे.

गोयल ने कहा कि रेल मार्ग के विद्युतीकरण से यहां से दिन रात चलने वाली मालगाडियों के खर्च को कम कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विकास का लाभ देश के हर कोने तक हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. गोयल ने कहा कि राजस्थान में 2009 से 2014 के बीच पांच वर्ष में रेलवे के 65 अंडरपास बने थे जबकि 2014 से 2020 के बीच छह गुना अधिक 378 अंडरपास बनाये गये.

उन्होंने कहा कि इसी तरह 2009 से 2014 के बीच रोड ओवरब्रिज पांच साल में मात्र चार बने थे वहीं 2014 से 2020 के बीच 30 रोड ओवरब्रिज बने. उन्होंने कहा कि राजस्थान में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से सात नई लाइनों पर काम चल रहा है. इस अवसर पर रेल मंत्री ने 34 किलोमीटर के नए विद्युतीकृत ढिगावड़ा-बांदीकुई रेल खंड पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2020 09:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).