भुवनेश्वर, 13 जुलाई ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने बालासोर स्थित एक कॉलेज परिसर में छात्रा द्वारा आत्मदाह के प्रयास को बेहद दुखद बताया और रविवार को राज्यपाल से हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
बालासोर में फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज के एक शिक्षक द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के कारण 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी।
पटनायक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ओडिशा के एक प्रमुख विश्वविद्यालय के अंदर एक युवा छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश बेहद दुखद है। मैं भगवान जगन्नाथ से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"
पटनायक ने कहा कि एक शिक्षक ने कथित तौर पर छात्रा का कई बार यौन उत्पीड़न किया और कई बार यौन संबंध की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचार्य को लिखे एक पत्र में छात्रा ने खुलासा किया कि उसने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उसे बचा लिया गया था।
पटनायक ने बताया, "पीड़िता महीनों तक डर और पीड़ा में रही। एक जुलाई को, मदद की गुहार लगाते हुए, उसने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत पोस्ट की और कई शीर्ष अधिकारियों को पोस्ट में टैग किया। लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर, उसने अपनी पीड़ा को खत्म करने के अंतिम प्रयास में, प्राचार्य के कक्ष के ठीक बाहर खुद को आग लगा ली।"
पटनायक ने कहा कि यह दुखद घटना इस कठोर वास्तविकता को उजागर करती है कि कैसे कॉलेज के प्राचार्य से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तक से कई बार अपनी शिकायतें व्यक्त करने के बावजूद छात्रा को न्याय से वंचित रखा गया।
पटनायक ने कहा, "हमारे उच्च शिक्षा ढांचे में, राज्यपाल एफएम विश्वविद्यालय सहित प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में कार्य करते हैं।"
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मैं माननीय राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वह हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि छात्रा को न्याय मिले, जिसकी वह मांग कर रही थी। एक बार फिर, मैं भगवान जगन्नाथ से फकीर मोहन विश्वविद्यालय की छात्रा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
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