भोपाल, 12 जुलाई गुजरात उच्च न्यायालय ने मानहानि के मामले में सजा रोकने से इनकार करने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, विधायकों और मध्यप्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यहां ‘मौन सत्याग्रह’ कर विरोध प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित "लोकतंत्र अयोग्य घोषित" आंदोलन का नेतृत्व राज्य इकाई के प्रमुख कमलनाथ ने किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) ने बयान में कहा कि राहुल गांधी ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी " जन विरोधी नीतियों तथा प्रधानमंत्री और उद्योगपति गौतम अडानी के बीच संबंधों" को उजागर किया।
एमपीसीसी ने कहा, "राहुल गांधी को भाजपा द्वारा एक कुटिल कदम के माध्यम से लोकसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया, लेकिन वह हमेशा सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई और साहस के साथ अपनी लड़ाई लड़ने और लोगों के मुद्दों को बढ़ाने में आगे रहते हैं।"
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी और आम लोग राहुल गांधी के साथ "सच्चाई और न्याय के लिए लड़ाई" में खड़े हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कांग्रेस विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने "मौन सत्याग्रह" विरोध में भाग लिया।
मार्च में सूरत में एक महानगरीय मजिस्ट्रेट की अदालत ने राहुल गांधी को "मोदी उपनाम" संबंधी टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि के लिए दोषी ठहराया और उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई।
बाद में उन्हें लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
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