नयी दिल्ली, छह जून दिल्ली की एक अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों से संबंधित गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम मामले में दो जुलाई से आरोपों पर जिरह शुरू करने का शुक्रवार को फैसला किया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ललित कुमार ने दो जून को बताया था कि अभियोजन पक्ष और पांच आरोपियों के वकील ने आरोपों पर अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं।
शुक्रवार को, विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने कहा कि अभियोजन पक्ष को अपनी दलीलें पूरी करने के लिए कम से कम पांच दिन तक रोजाना लगभग चार से पांच घंटे लगेंगे।
प्रसाद ने कहा कि वह अदालत की सुविधा के लिए एक संकलन प्रदान करेंगे।
अदालत ने अभियोजन पक्ष और आरोपियों के वकील की दलीलों पर सहमति जताई कि गर्मी की छुट्टियों के बाद भी आरोपों पर जिरह जारी रहनी चाहिए।
अदालत को बताया गया कि वर्तमान मामले में कार्यवाही में काफी समय लगेगा क्योंकि आरोप पत्र 17,000 से अधिक पृष्ठ का है। कुछ अन्य आरोपियों के वकीलों ने भी अपनी दलीलें पेश कीं।
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